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NIA: हैदराबाद में ग्रेनेड फेंकने की साजिश से जुड़े मामले की जांच का जिम्मा एनआईए ने लिया, तीन गिरफ्तार

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NIA: हैदराबाद में ग्रेनेड फेंकने की साजिश से जुड़े मामले की जांच का जिम्मा एनआईए ने लिया, तीन गिरफ्तार

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सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : सोशल मीडिया

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हैदराबाद में सार्वजनिक सभाओं पर कई हैंड ग्रेनेड (हथगोले) फेंकने की कथित साजिश को लेकर पुलिस द्वारा तीन लोगों की गिरफ्तारी से संबंधित मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक प्राथमिकी दर्ज करके मामले की जांच का जिम्मा अपने हाथ में ले लिया है। गिरफ्तार किए गए तीनों आतंकियों की पहचान मोहम्मद जाहिद, माज हसन फारुक और समीउद्दीन के रूप में हुई है। अधिकारियों का कहना है कि तीनों को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया गया है।

हैदराबाद पुलिस ने अक्तूबर 2022 में एक मामला दर्ज करके अब्दुल जाहिद और दो अन्य को शहर में कथित रूप से आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बनाने के लिए गिरफ्तार किया था और उनके कब्जे से हथगोले बरामद किए थे।

जाहिद पहले भी आतंकवाद संबंधी कई मामलों में संलिप्त रहा है

पुलिस ने कहा कि हैदराबाद स्थित मलकपेट निवासी जाहिद पहले भी शहर में आतंकवाद संबंधी कई मामलों में संलिप्त रहा है अैर उसने पाकिस्तान स्थित आईएसआई सूत्रों से अपने संपर्कों को फिर से शुरू किया है। पुलिस ने कहा कि जाहिद ने पड़ोसी देश में बैठे लश्कर-ए-तैयबा और आईएसआई के आकाओं के निर्देश पर कई युवाओं को भर्ती किया था।

पुलिस ने कहा कि उसने आम लोगों के मन में दहशत पैदा करने के लिए हैदराबाद में विस्फोटों और लोन-वुल्फ हमलों समेत अन्य आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची थी। पुलिस के मुताबिक, जाहिद को हैंड ग्रेनेड पाकिस्तान स्थित आकाओं से मिले थे। पुलिस ने कहा कि वह इन हैंड ग्रेनेड को अपने समूह के सदस्यों के जरिये सार्वजनिक सभाओं में फेंकने और शहर में आतंक और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की योजना बना रहा था।

 

केंद्र सरकार के निर्देश पर एनआईए को सौंपी गई जांच

पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान जाहिद के परिसर से दो हैंड ग्रेनेड, दो मोबाइल फोन और 3,91,800 रुपये नकद जब्त किए गए। केंद्र सरकार के निर्देश पर मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई है। केंद्रीय एजेंसी ने इस साल 25 जनवरी को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत तीनों आरोपियों और अन्य के खिलाफ मामला फिर से दर्ज किया और जांच अपने हाथ में ले ली।

एनआईए द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में कहा गया है, केंद्र सरकार की राय है कि एनआईए अधिनियम, 2008 के तहत एक साजिशन अपराध किया गया है और अपराध की गंभीरता, इसके अंतर-राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को ध्यान में रखते हुए, इसकी जांच एनआईए द्वारा की जानी आवश्यक है। इसलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को मामले की जांच करने का निर्देश दिया। इसके बाद मामले को फिर से दर्ज किया और जांच अपने हाथ में ली।

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