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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस
– फोटो : सोशल मीडिया
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने विधानसभा में अपने उद्घाटन भाषण में बुधवार को केंद्र सरकार से गरीब लोगों के लिए राज्य को धन जारी करने का आग्रह किया। उनका भाषण ममता बनर्जी सरकार और सत्तारूढ़ टीएमसी के केंद्र पर राज्य को धन जारी न करने के आरोप लगाने के बाद आया है।
राज्यपाल ने विधानसभा में कहा कि मनरेगा, ग्रामीण आवास और ग्रामीणों सड़कों के क्षेत्र में राज्य राज्य बेहतर कर सकता था। 2021-22 में पश्चिम बंगाल इन क्षेत्रों में नंबर एक रहा है। लेकिन इस वर्ष राज्य को अभी तक धन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि केंद्र गरीब लोगों के हित में जल्द ही धन जारी करेगा और पश्चिम बंगाल जल्द से जल्द मनरेगा, ग्रामीण आवास और ग्रामीण सड़कों में नंबर एक स्थान पर बना रहेगा।
राज्यपाल के भाषण को नेता प्रतिपक्ष ने बताया राज्य सरकार द्वारा तैयार किया गया
नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि राज्यपाल ने सरकार द्वारा तैयार किया गया भाषण पढ़ा था। अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, राज्यपाल ने सदन में जो कुछ भी कहा है वह सिर्फ एक नियम है क्योंकि उन्हें राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए भाषण को पढ़ना है। अभिभाषण के दौरान उन्होंने जो कहा उससे हम सहमत नहीं हैं।
विधानसभा में राज्यपाल के संबोधन के बीच भाजपा विधायकों का वॉकआउट
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस के विधानसभा में संबोधन के बीच भाजपा विधायकों ने ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सदन से बहिर्गमन किया। अगले सप्ताह राज्य के बजट से पहले बोस ने सदन में अपना संबोधन शुरू करने के कुछ ही मिनटों के भीतर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। अधिकारी ने कहा, बंगाल की सरकार भ्रष्ट सरकारों में से एक है। हमने वाकआउट किया क्योंकि भाषण में भ्रष्टाचार के मामलों और टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी का कोई जिक्र नहीं है। टीएमसी नेता निर्मल घोष ने भाजपा पर विधानसभा की कार्यवाही में बाधा डालने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
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