Home World जो बाइडन की चीन को चेतावनी, कहा- संघर्ष नहीं चाहते लेकिन हमें छेड़ा तो अमेरिका छोड़ेगा नहीं

जो बाइडन की चीन को चेतावनी, कहा- संघर्ष नहीं चाहते लेकिन हमें छेड़ा तो अमेरिका छोड़ेगा नहीं

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जो बाइडन की चीन को चेतावनी, कहा- संघर्ष नहीं चाहते लेकिन हमें छेड़ा तो अमेरिका छोड़ेगा नहीं

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बाइडेन बोले- चीन ने धमकी दी तो अमेरिका करेगा कार्रवाई चीन की तरफ से निगरानी के मकसद से भेजे गए नजरों को लेकर देख तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि अगर चीन अमेरिका की संप्रभुता को खतरे में डालता है तो कोशिश भी करेगा तो वो अपनी सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।

मंगलवार की रात अपने ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ जुड़े हुए बाइडेन ने कहा, ‘जहां भी चीन दुनिया को लाभ पहुंचाएगा और अमेरिकी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे वहां मैं चीन के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। लेकिन उन्हें किसी भ्रम में नहीं रहना चाहिए, पिछले हफ्ते ही स्पष्ट कर दिया था कि अगर चीन हमारी संप्रभुता का खतरा पैदा करता है तो हम अपने देश की रक्षा के लिए कार्रवाई करेंगे।’

अमेरिका ने मार गिराया था चीनी गुब्बारा

पिछले हफ्ते अटलांटिक महासागर के ऊपर संदिग्ध चीनी जासूसी झलकियां अमेरिकी सेना ने मार गिराई थीं। अमेरिका की ओर से इस कार्रवाई से चीन आगबबूला हो गया और कहा कि वह इस मामले में अपने अधिकार और शिकायत की रक्षा करेगा। बाइडन सरकार ने चीन पर अमेरिकी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

अपने बैठक के दौरान बाइडन ने कहा कि चीन के साथ प्रतियोगिता जीतने के लिए सभी को एकता होनी चाहिए। हम दुनिया भर में घने का सामना करते हैं। लेकिन पिछले दो वर्षों में लोकतंत्र मजबूत हुआ है, निरंकुशता कम हुई है। बाइडन ने कहा कि उनके प्रशासन में निरंकुशता मजबूत नहीं, बल्कि कमजोर हुई है।

‘अमेरिका के खिलाफ जाने से होगा नुकसान’

रिपब्लिकन द्वारा प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करने के बाद बाइडन का बदला हुआ नजर आया। उन्होंने कहा, ‘अमेरिका समग्रता और वैश्विक स्वास्थ्य से लेकर खाद्य असुरक्षा, आतंकवाद और क्षेत्रीय दायरे तक, करोड़ का सामना करने के लिए फिर से दुनिया को एक कर रहा है।’

उन्होंने कहा, ‘सहयोगी वृद्धि कर रहे हैं, अत्यधिक गतिविधियां भी हैं और प्रशांत महासागर में साथियों के बीच पुल तैयार हो रहा है। जो लोग अमेरिका के खिलाफ स्टेक्स हैं उन्हें इस बात की सीख मिली है कि वोट गलत हैं। अमेरिका के खिलाफ बगावत करना कभी भी कोई लाभ नहीं होता है।’

‘हम मुकाबला चाहते हैं, मुकाबला नहीं’

बाइडेन ने अपने भाषण में भर बार चीन का जिक्र करते हुए कहा कि पद संभालने से पहली कहानी यह थी कि कैसे चीन की ताकत बढ़ती जा रही है और अमेरिका का ग्राफ दुनिया में गिरता जा रहा है। बाइडेन ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, ‘अब और नहीं। मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग को स्पष्ट कर दिया है कि हम प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं, संघर्ष नहीं।’

उन्होंने कहा, ‘मुझे कोई खेद नहीं है कि हम अमेरिका को मजबूत बनाने के लिए निवेश कर रहे हैं। अमेरिकी नवोन्मेष में, भविष्य को परिभाषित करने वाले निवेश में निवेश करेंगे, जहां चीन का प्रभुत्व होने का इरादा रखता है।’

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