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अजीत डोभाल
– फोटो : ANI
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत जरूरत के समय अफगान लोगों को कभी नहीं छोड़ेगा। अफगानिस्तान के लोगों की भलाई और मानवीय जरूरतें भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बुधवार को मॉस्को में अफगानिस्तान के मुद्दे पर सुरक्षा परिषद के सचिवों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की पांचवीं बहुपक्षीय बैठक में यह बात कही।
सूत्रों ने बताया कि डोभाल ने अफगानिस्तान में एक समावेशी और प्रतिनिधि सरकार के आह्वान और आतंकवाद से लड़ने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को भी दोहराया। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी देश को दूसरे देशों में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होनी चाहिए। अफगानिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग सबसे पहले उसके लोगों की भलाई के लिए किया जाना चाहिए।
इस बैठक में भारत के अलावा रूस, ईरान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, चीन, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। सुरक्षा की स्थिति और मानवीय चुनौतियों समेत अफगानिस्तान से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बैठक में चर्चा हुई। सूत्रों ने बताया कि डोभाल ने कहा कि अफगानिस्तान इस समय मुश्किल दौर से गुजर रहा है और यह भी बताया कि भारत के अफगानिस्तान के साथ ऐतिहासिक और विशेष संबंध हैं।
अफगानिस्तान को हजारों टन खाद्य सामग्री दे चुका है भारत
भारत ने अब तक अफगानिस्तान को हजारों टन खाद्य सामग्री की आपूूर्ति की है। इसमें 40,000 टन गेहूं, 60 टन दवाइयां, 5,00,000 कोरोना वैक्सीन, ऊनी वस्त्र और 28 टन आपदा राहत सामग्रियां शामिल हैं। भारत की तकनीकी टीम मानवीय सहायता कार्यक्रम की देखरेख भी कर रही है। सूत्रों ने बताया कि पिछले दो साल के दौरान भारत ने अफगानिस्तान के 2260 छात्रों को स्कॉलरशिप भी दी है, जिनमें 300 छात्राएं हैं।
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