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आईएमएफ-पाकिस्तान
– फोटो : Agency (File Photo)
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नकदी संकट से जूझ रही पाकिस्तान सरकार की अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ बेलआउट पैकेज पर बातचीत सफल होती नहीं दिख रही है। बताया जा रहा है कि बातचीत में उस समय खटास आ गई जब दोनों पक्ष विदेशी वित्तपोषण अनुमानों और सटीक घरेलू राजकोषीय उपायों को अंतिम रूप देने में नाकाम रहे।
एक मीडिया रिपोर्ट में गुरुवार को बताया गया है कि बाहरी वित्तपोषण और घरेलू बजटीय कदमों पर एक स्पष्ट रूपरेखा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पाक पहुंचे मिशन में शामि अधिकारियों के साथ के साथ नौ फरवरी को वार्ता समाप्त होने से कम से कम एक दिन पहले साझा किया जाना चाहिए था। अब तक साझा नहीं किया गया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘बुधवार रात तक हमें Memorandum of Economic and Fiscal Policies (MEFP) का मसौदा नहीं मिला है। उन्होंने कहा, “अंतिम कार्य योजना पर फंड की आपत्तियां अभी भी बनी हुई हैं।”
पाकिस्तान ने 2019 में इमरान खान की सरकार के दौरान 6 बिलियन अमरीकी डालर की अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की मदद हासिल की थी। इसे पिछले साल बढ़ाकर 7 बिलियन अमरीकी डालर कर दिया गया था पर देश की जर्जर आर्थिक स्थिति के कारण वह IMF से इसकी राशि हासिल नहीं कर पा रही है।
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