Home Sports पिता की याद में बॉलिंग आर्म पर बनाया टैटू, भाई की कुर्बानी से बनीं क्रिकेटर; T20 वर्ल्ड कप में पूरे करने हैं 2 ख्वाब

पिता की याद में बॉलिंग आर्म पर बनाया टैटू, भाई की कुर्बानी से बनीं क्रिकेटर; T20 वर्ल्ड कप में पूरे करने हैं 2 ख्वाब

0
पिता की याद में बॉलिंग आर्म पर बनाया टैटू, भाई की कुर्बानी से बनीं क्रिकेटर; T20 वर्ल्ड कप में पूरे करने हैं 2 ख्वाब

[ad_1]

हाइलाइट्स

महिला टी20 वर्ल्ड कप का आज से आगाज
भारत पिछली बार फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हारा था
एक खिलाड़ी से टीम इंडिया को हैं बड़ी उम्मीदें

नई दिल्ली. दक्षिण अफ्रीका में आज से महिला टी20 वर्ल्ड कप का आगाज होने जा रहा है. पहले मैच में मेजबान दक्षिण अफ्रीका की टक्कर श्रीलंका से होगी. इस बार ऑस्ट्रेलिया ही खिताब का सबसे मजबूत दावेदार है. लेकिन हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय टीम का दावा भी कमजोर नहीं है. भारत की महिला टीम ने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका में ही अंडर-19 टी20 वर्ल्ड कप जीता है. ऐसे में सीनियर टीम से भी इस बार विश्व कप जीतने की उम्मीद है. इसमें एक गेंदबाज की भूमिका अहम हो सकती है और वो हैं हिमाचल प्रदेश की रेणुका सिंह ठाकुर.

रेणुका सिंह ने भारत के लिए अब तक 27 टी20 में 24 विकेट लिए हैं. वो टी20 विश्व कप में भारत की बड़ी उम्मीद हैं. रेणुका के लिए टीम इंडिया तक का सफर आसान नहीं रहा. वो जब 3 बरस की थीं तो पिता का निधन हो गया था. उन्हें तो ठीक से पिता का चेहरा भी याद नहीं है. उनके पिता केहर सिंह को क्रिकेट का इतना शौक था कि उन्होंने अपने बड़े बेटे का नाम मशहूर क्रिकेटर विनोद कांबली के नाम पर रखा था. पिता के क्रिकेट के शौक के कारण रेणुका की भी इस खेल में दिलचस्पी जग गई और लड़कों के साथ गली क्रिकेट खेल उनके क्रिकेटर बनने की शुरुआत हुई.

भाई ने रेणुका के लिए दी कुर्बानी
रेणुका की मां सुनीता को पति केहर सिंह के निधन के बाद साल 2000 में उनके स्थान पर नौकरी मिल गई. पिता हिमाचल प्रदेश के सिंचाई विभाग में काम करते थे. इतनी तनख्वाह नहीं थीं कि सुनीता दोनों बच्चों के क्रिकेट खेलने का खर्चा उठा सकें. ऐसे में भाई विनोद ने बहन रेणुका को क्रिकेटर बनाने के लिए अपने खेल की कुर्बानी दे दी.

हिमाचल प्रदेश एकेडमी में तेज गेंदबाजी के गुर सीखे
रेणुका ने क्रिकेट के लिए जुनून को देखते हुए ही उनके चाचा भूपिंदर सिंह ठाकुर ने परिवार को रेणुका को धर्मशाला की हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की महिला एकेडमी में भेजने के लिए राजी किया था. 2009 में 13 साल की उम्र में क्रिकेट के लिए रेणुका ने घर छोड़ दिया था. इसी एकेडमी में उन्होंने तेज गेंदबाजी के गुर सीखे. स्विंग गेंदबाजी के साथ यॉर्कर फेंकने में भी महारत हासिल की.

Womens T20 World Cup आज से, 10 टीम और 23 मैच, भारत का सेमीफाइनल तो पक्का ही समझो! जानें बड़ी बातें

केएल राहुल रन बनाएं नहीं तो बाहर जाएं, डबल सेंचुरी लगाने वाले 2 ओपनर तैयार, मामला हुआ गंभीर!

महिला टी20 विश्व कप में हैट्रिक लेने का सपना
रेणका सिंह ठाकुर ने 2016 में एक अंडर-19 मैच में कर्नाटक के खिलाफ हैट्रिक लेकर तहलका मचा दिया था. इसके 3 साल बाद उन्होंने बीसीसीआई के महिला वनडे टूर्नामेंट में 2019 में 23 विकेट झटके थे. इसके बाद से रेणुका ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अक्टूबर 2021 में टी20 और फरवरी 2022 में वनडे डेब्यू किया था. उउन्हें पिछले साल महिला वनडे विश्व कप की टीम में जगह मिली थी. लेकिन एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला. लेकिन इस बार उन्हें खेलने की पूरी उम्मीद है और उन्होंने दो लक्ष्य तय कर रखे हैं. एक भारत के लिए विश्व कप जीतना और दूसरा हैट्रिक हासिल करना.

Tags: Harmanpreet kaur, Shafali verma, Women cricket, Women’s T20 World Cup

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here