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तेलंगाना के मंत्री केटी रामाराव।
– फोटो : ANI
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तेलंगाना विधानसभा में मंत्री और भारत राष्ट्र समिति के नेता केटी रामाराव ने शनिवार को भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं सभी मित्रों से यह सोचने के लिए कहता हूं कि अगर राज्य इन अराजक तत्वों के हाथों में आ गया तो क्या होगा। मैं तेलंगाना के लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे राज्य को इन लोगों के हाथों में न जाने दें। उन्होंने कहा कि कल एक आदमी ने कहा कि वह प्रगति भवन को तोड़ देगा और अब दूसरा कह रहा है कि वह सचिवालय को गिरा देगा। हम शिलान्यास की बात करते हैं जबकि वे कब्र खोदने की बात करते हैं।
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष बंडी संजय कुमार ने शुक्रवार को कहा था कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो राज्य के नए सचिवालय भवन के गुंबदों को गिरा देगी और देश के साथ तेलंगाना की संस्कृति को दर्शाने के लिए इसमें बदलाव करेगी। ‘जनम गोसा-भाजपा भरोसा’ (जनता की पीड़ा-भाजपा का आश्वासन) अभियान के तहत हैदराबाद के ओल्ड बोवेनपल्ली में एक नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए संजय कुमार ने मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव द्वारा 17 फरवरी को उनके जन्मदिन पर नए सचिवालय का उद्घाटन करने पर नाखुशी जताई थी।
कुमार ने कहा था कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नीत सरकार द्वारा बाबासाहेब आंबेडकर के नाम पर सचिवालय भवन का उद्घाटन 14 अप्रैल को आंबेडकर की जयंती पर किया जाना चाहिए। करीमनगर लोकसभा से सांसद ने आरोप लगाया था कि बीआरएस सरकार ने सचिवालय के निर्माण पर खर्च का अनुमान 400 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,500 करोड़ रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि 1,500 करोड़ रुपये से वह ताजमहल जैसा सचिवालय बना रहे हैं। अगर एक बार भाजपा की सरकार बन जाती है तो हम निश्चित रूप से उन गुंबदों को गिरा देंगे। हम सचिवालय को इस तरह से बदलेंगे कि यह तेलंगाना और भारतीय संस्कृति को दर्शाएगा।
वित्त मंत्री टी हरीश राव ने राज्यपाल से लंबित विधेयकों को मंजूरी देने का आग्रह किया
तेलंगाना के वित्त और स्वास्थ्य मंत्री टी हरीश राव ने शनिवार को राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन से उनके पास लंबित बिलों को मंजूरी देने का आग्रह किया। इससे पहले राज्यपाल तमिलिसाई ने विधानसभा में स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए कई कल्याणकारी कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला।
हरीश राव ने राज्यपाल से यह अपील कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता मल्लू भट्टी विक्रमार्क की टिप्पणी के जवाब में की। मल्लू भट्टी ने विधानसभा में बहस के दौरान 2023-24 की अनुदान मांगों, लंबित बिलों और नागरिकों पर इसके प्रभाव का मुद्दा उठाया था। विक्रमार्क ने निजी विश्वविद्यालयों पर एक विधेयक का उदाहरण देते हुए कहा कि अनुदान की मांगों में से एक राज्यपाल और मंत्रिपरिषद के बारे में है। उन्होंने कहा कि ऐसे विश्वविद्यालय छात्रों को प्रवेश दे रहे हैं, जबकि विधेयक को अभी तक राज्यपाल की सहमति नहीं मिली है। भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि विधेयक राज्यपाल के पास लंबित हैं और इससे विश्वविद्यालयों में भर्ती में देरी हो रही है।
इसपर हरीश राव ने कहा कि मैं इस सदन के माध्यम से राज्यपाल से अपील करता हूं कि भट्टी विक्रमार्क के अनुरोध के अनुसार, राज्य की प्रगति और विश्वविद्यालयों में भर्ती को सुविधाजनक बनाने के लिए उन बिलों को जल्द से जल्द मंजूरी दें। हरीश राव ने कहा कि विश्वविद्यालयों में भर्ती की जरूरत है और सदन ने लगभग साढ़े पांच या छह महीने पहले इससे संबंधित विधेयकों को पारित किया था। उन्होंने कहा कि अन्य विधेयक भी राज्य के हितों और जरूरतों को पूरा करने के लिए हैं।
इसके अलावा अन्य विभाग जो बहस के एजेंडे का हिस्सा हैं, उनमें सिंचाई, स्वास्थ्य, पशुपालन और कृषि शामिल हैं। हरीश राव ने सिंचाई और स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य सरकार की पहलों पर विस्तार से बात की। राज्य के पशुपालन मंत्री टी श्रीनिवास यादव, कृषि मंत्री एस निरंजन रेड्डी, पंचायत राज मंत्री एर्राबेली दयाकर राव ने संबंधित विभागों पर बात की। राज्यपाल ने पहले कहा था कि वह अपना कर्तव्य निभा रही हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पास बिल लंबित हैं। सौंदरराजन ने पहले ही कहा था कि उन्हें विधेयकों का आकलन और विश्लेषण करना है।
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