Home World जिसे फाइटर जेट ने मार गिराया वो जासूसी गुब्बारा नहीं तो क्या था? सवाल ने उड़ाई अमेरिका की नींद

जिसे फाइटर जेट ने मार गिराया वो जासूसी गुब्बारा नहीं तो क्या था? सवाल ने उड़ाई अमेरिका की नींद

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जिसे फाइटर जेट ने मार गिराया वो जासूसी गुब्बारा नहीं तो क्या था? सवाल ने उड़ाई अमेरिका की नींद

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अमेरिका द्वारा हवा में गिराए जाने वाले चीन के जासूस गुब्बारों को लेकर अब नए तरह के सवाल उठने लगे हैं। इन प्रश्नों ने अमेरिका की टेंशन बढ़ा दी है। दरअसल, इस तनाव की वजह यह है कि 9 फरवरी को गुब्बरों का आरोप लगाने का मकसद अमेरिकी फाइटर जेट को उड़ाना था, जब हवा में थे तो उन्हें कुछ ऐसा नजर आया, जो गुब्बारा नहीं था। वो एक UFO यानी अज्ञात कनेक्टेड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट (अज्ञात उड़ने वाली वस्तु) था।

यूएफओ (UFO) को अक्सर हम एलियन तकनीक मानते हैं। UFO जब आकाश में दिखता है तो ये चर्चा आम हो जाती है कि क्या हमारी पृथ्वी से अलग किसी ग्रह में भी जीवन है? हालांकि अक्सर एलियन को लेकर होने वाली चर्चा शांत हो जाती है। फिर अचानक एक दिन याद आता है कोई यूएफओ नजर आता है और फिर से एलियन वार्क चर्चा शुरू हो जाती है। अमेरिका के साथ यही हो रहा है। पिछले कुछ दिनों में अमेरिका के फाइटर जेट 3 UFO को मार गिराए हैं।

यूएफओ का दावा और अमेरिकी फाइटर जेट के साथ टकराव की ये खबर पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी है। विज्ञान संबंधी सूचनाएं यूएफओ को एलियन से जोड़कर नहीं देखते हैं, लेकिन अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने ये बात शब्दों में कही है कि फाइटर जेट ने कोई गुब्बारा नहीं गिराया है, बल्कि एक विशेष मानक दृष्टिकोण वाली चीज थी। मतलब ये है कि अमेरिका भी अभी साफ तौर पर नहीं कह सकता कि उड़ रहा विमान किसे तकनीक से उड़ रहा था, या फिर वो क्या था।

अमेरिका में कई यूएफओ देखें
एक फरवरी को अमेरिका के मोंटाना में चीन के जासूस गुब्बारे से मिलने की जानकारी मिली थी. इसके बाद 4 फरवरी को अमेरिकी फाइटर जेट दक्षिण कैरोलीना में चीन का जासूस गुब्बारा गिरा। इसके बाद से ही अमेरिकी फाइटर जेट मुस्तैद थे।

इसके बाद 9 फरवरी को पता चला कि अलास्का में एक UFO दिखाई दिया। पहले इसे गुब्बारा ही माना गया, लेकिन बाद में पता चला कि ये गुब्बारा नहीं है। इसके बाद 10 फरवरी को अलास्का में यूएफओ को मार गिराया गया। 11 फरवरी को कनाडा के यूकॉन में एक दूसरा यूएफओ दिखाई दिया। इसे भी फाइटर जेट ने मार गिराया। इसके अगले दिन 12 फरवरी को अमेरिका के ग्रेट लेक्स पर तीसरा यूएफओ दिखाई दिया, वह भी तुरंत गिर गया।

20 हजार फीट की ऊंचाई पर गुब्बारा नहीं उड़ सकता
एक के बाद एक यूएफओ से मिलने से अमेरिका ही नहीं, दुनिया के कई देश हैरान हैं। वजह ये है कि 20 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रही वो ‘चीज’ कोई गुब्बारा नहीं था। इस चीज से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं, जो लोगों को सोचने पर मजबूर कर देती हैं। जिस ब्राह्मण को फाइटर जेट ने मार गिराया वो 20 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। आमतौर पर 20 से 30 हजार फीट की ऊंचाई पर हवाई जहाज उड़ते हैं। यानि UFO हमारी पृथ्वी के एरियल रूट पर था।

दूसरी रोचक बात ये है कि ये विमान का आकार अष्टकोणीय यानी Octagonal था। आपने आज तक कभी भी किसी भी विमान के अष्टकोणीय आकार का नहीं देखा होगा। क्योंकि ऐसा कोई भी विमान या ड्रोन आज तक नहीं बना है.

तीसरी रोचक बात ये है कि ये Octagonal UFO रेटिंग का था। देखें तो एयरोडायनमिक्स के होश से अष्टकोणीय प्रिज्म की कोई बात 20 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान सीमा, ऐसी तकनीक अभी किसी देश के पास नहीं है। ये एक बड़ी वजह है कि इसे एलियन तकनीक कहा जा रहा है।

नहीं मिला कोई मलबा

ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब अमेरिका ने माना कि उनके आकाश में यूएफओ देखे गए हैं। हलांकि ये पहली बार है जब अमेरिकी फाइटर जेट यूएफओ से टकराया हो। अभी तक 3 UFO मार गिरने का दावा किया गया है, लेकिन किसी का भी मलबा नहीं मिला है। इसलिए ये कहना अभी मुश्किल है कि यूएफओ के बारे में जो कुछ कहा जा रहा था वो वास्तव में क्या था।

अमेरिका में देखें 510 यूफो
आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन अमेरिका में काफी बड़ी संख्या में यूएफओ दिखाई देते हैं। इसी साल जनवरी में यूएस इंटेलीजेंस की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि पिछले 17 साल में UFO दिखाई देने की 510 से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं। ये वो घटनाएं हैं जिनके बारे में अमेरिका सहज है, लेकिन इसकी पूरी जानकारी उनके पास नहीं है। इससे उन्हें पता नहीं चला कि ये UFO कहां से आए और कहां चले गए। ये यूएफओ दिखाई देते हैं कि इनमें 510 घटनाएं 163 चोर थे, 26 ड्रोन निकले और 171 ऐसे यूएफओ थे जिनके बारे में कोई जानकारी नहीं है।

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