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भारत में ‘फादर ऑफ रोमांस’ के नाम से मशहूर यश चोपड़ा का स्विट्जरलैंड से बहुत गहरा नाता रहा है। अपनी फिल्मों के माध्यम से यश चोपडा स्विट्जरलैंड की खूबसूरती को पेश करने वाले पहले निर्माता- निर्देशक थे। स्विट्जरलैंड की खूबसूरती भारतीयों को अपने सिनेमा के माध्यम से दिखाने के लिए स्विट्जरलैंड उनका लगातार सम्मान भी करता रहा है। वैलेंटाइंस डे के अवसर पर यश चोपड़ा पर बनी डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘द रोमांटिक्स’ हिंदी सिनेमा के विश्व पर्यटन से बने इसी रिश्ते पर खासा जोर देती है। इस सीरीज में यश चोपड़ा की विरासत, वाईआरएफ और पिछले 50 सालों में भारतीयों पर इसके प्रभाव को दिखाया गया है।
यश चोपड़ा पर बनी डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘द रोमांटिक्स’ में आमिर खान से लेकर सलमान खान, शाहरुख खान, रणबीर कपूर, अमिताभ बच्चन, रणवीर सिंह, सलीम खान ,रानी मुखर्जी, हृतिक रोशन, कैटरीना कैफ, अनुष्का शर्मा जैसे हिंदी सिनेमा के दिग्गज कई सितारों ने ‘द रोमांटिक्स’ में भारतीय सिनेमा में यश चोपड़ा एवं वाईआरएफ के योगदान के बारे में बताया है। मीडिया से हमेशा दूर रहे आदित्य चोपड़ा ने इस सीरीज में पहली बार अपना वीडियो इंटरव्यू दिया है। इस डॉक्यूमेंट्री सीरीज का निर्देशन स्मृति मुंधरा ने किया है, जिन्होंने ‘इंडियन मैचमेकिंग’ और ‘नेवर हैव आई एवर’ सीजन 3 की सफलता के बाद नेटफ्लिक्स पर इस सीरीज से वापसी की है। यश चोपड़ा ने ‘सिलसिला’, ‘लम्हे’, ‘कभी-कभी’, ‘वीर-जारा’, ‘दिल तो पागल है’, ‘चांदनी’, ‘जब तक है जान’ जैसी कई लोकप्रिय रोमांटिक फिल्में दी हैं।
स्विटजरलैंड में वैलेन्टाइंस डे के दिन उन जगहों पर यश चोपड़ा की विरासत का जश्न मनाने की तैयारी है, जहां पर यश चोपड़ा ने ‘डर’ और ‘चांदनी’ जैसी फिल्मों की शूटिंग की थी। उनके बेटे आदित्य चोपड़ा ने भी अपनी ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ की शूटिंग स्विट्जरलैंड में की थी। स्विट्जरलैंड के बर्फ से ढके पहाड़, खूबसूरत घाटियां और सुंदर झीलें हर भारतीय को अपनी ओर आकर्षित करती है, जिसका मुख्य श्रेय यश चोपड़ा की फिल्मों को जाता है। ऐसा कहा गया है कि वह अपने हनीमून के लिए स्विट्जरलैंड गए थे और इस देश की खूबसूरती से मोहित हो गए। अपनी फिल्मों के जरिए उन्होंने स्विट्जरलैंड टूरिज्म को बढ़ावा दिया और स्विस सरकार ने पिछले सालों में य़श चोपडा को निरंतर सम्मानित किया है।
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मई 2016 में स्विट्जरलैंड सरकार ने श्रद्धांजलि के रूप में यश चोपड़ा की एक 250 किलोग्राम की कांस्य प्रतिमा स्थापित की थी जिसका उद्घाटन यश चोपडा की पत्नी पामेला चोपड़ा और उनकी बहू रानी मुखर्जी ने किया था। यह मूर्ति स्विट्जरलैंड के लोकप्रिय पर्यटन स्थल इंटरलेकन में कांग्रेस केंद्र के पास स्थित है। यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्मों में अक्सर स्विस ट्रेनों को दिखाया जाता है। साल 2011 में स्विट्जरलैंड के जुंगफ्राउ रेलवे ने उनके नाम पर एक ट्रेन शुरू की। इससे पहले यह सम्मान केवल रेलवे के संस्थापक एडॉल्फ गायर को मिला था। ट्रेन में एक साइन बोर्ड पर उनके हस्ताक्षर और नाम भी अंकित हैं। जुंगफ्राउ रेलवे के सीईओ उर्स केसले की उपस्थिति में यश चोपड़ा ने ट्रेन का शुभारंभ किया।
स्विट्जरलैंड में बर्न के कैंटन में लाउएन झील को यश चोपड़ा झील कहा जाता है। यह स्विट्जरलैंड में उनके पसंदीदा स्थानों में से एक था, और उनकी फिल्मों में भी दिखाया गया है। स्विस सरकार ने यश चोपड़ा को इंटरलेकन के राजदूत के खिताब से सम्मानित किया, वह इस पुरस्कार को पाने वाले पहले भारतीय हैं। इंटरलेकन की मुख्य सड़क होवेगा पर उन्हें समर्पित एक चांदी की पट्टिका लगाई गई है। उन्हें स्विस अंबेसडर अवार्ड से भी नवाजा गया था।
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