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जीएसटी।
– फोटो : अमर उजाला
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सभी राज्यों की मंजूरी होने पर ही पेट्रोलियम उत्पादों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में शामिल किया जा सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने के सवाल पर यह टिप्पणी की। वे इंडस्ट्री चैंबर PHDCCI के सदस्यों के साथ पोस्ट-बजट इंटरएक्टिव सत्र में बोल रही थीं।
इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि सरकार विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। इसके लिए सरकार सालों से सार्वजनिक व्यय बढ़ाने की कोशिशों में लगी है। इसी क्रम में सरकार ने 2023-24 के बजट में पूंजीगत व्यय को 33 प्रतिशत बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपये कर दिया।
उन्होंने आगे कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार सार्वजनिक पूंजीगत व्यय पर जोर दिया गया है। हमने इस बजट में इसे ऊपर रखा है। स्पष्ट रूप से इसे बजट का वास्तविक फोकस कहा जा सकता है। वित्तमंत्री ने इस दौरान राज्यों को बिजली सहित विभिन्न क्षेत्रों में सुधारों को आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना को लागू करने के लिए राज्यों को प्रेरित किया जा रहा है।
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