Home Sports 15 साल की उम्र में किया डेब्यू, दूसरे धर्म की खुद से बड़ी लड़की पर आया दिल, मां-बाप नहीं माने, सामने आई मजहब की दीवार

15 साल की उम्र में किया डेब्यू, दूसरे धर्म की खुद से बड़ी लड़की पर आया दिल, मां-बाप नहीं माने, सामने आई मजहब की दीवार

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15 साल की उम्र में किया डेब्यू, दूसरे धर्म की खुद से बड़ी लड़की पर आया दिल, मां-बाप नहीं माने, सामने आई मजहब की दीवार

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हाइलाइट्स

महज 15 साल की उम्र में किया रणजी डेब्यू
ओडिशा के खिलाफ लगाई थी डबल सेंचुरी

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के कई ऐसे सितारे हुए हैं जिन्होंने छोटी उम्र में क्रिकेट के मैदान पर दम रखा और कामयाबी भी हासिल की. कई ऐसे भी खिलाड़ी हुए हैं जिनको इंटरनेशनल क्रिकेट में भले कामयाबी ना मिली हो लेकिन घरेलू क्रिकेट के दम पर वो नाम बनाने में सफल रहे. टीम इंडिया के कई दिग्गजों ने प्यार के आगे धर्म की दीवार को आड़े नहीं आने दिया. हम बात कर रहे हैं भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर की जिनको अपने से बड़ी दूसरे धर्म की लड़की से प्यार हुआ और उन्होंने घरवालों को मनाकर शादी की.

भारत की तरफ से महज 36 इंटरनेशनल मैच खेलने वाले पूर्व विकेटकीपर सबा करीम जिनको बतौर चयनकर्ता भी टीम इंडिया चयन करना का मौका मिला. इस धुरंधर का लोहा घरेलू क्रिकेट में खेल चुके उनके वक्त के तमाम गेंदबाज मानते हैं. पटना में 14 नवंबर 1967 को जन्म लेने वाले सबा करीम ने बिहार और बंगाल दोनों ही टीम की तरफ से खेला. साल 1982 में जब उन्होंने अपना फर्स्टक्लास डेब्यू किया था जब उनका उम्र महज 15 साल थी.

15 साल की उम्र में डेब्यू

बिहार के पटना में जन्में सबा करीम को 1982-83 के रणजी सीजन में फर्स्टक्लास डेब्यू करने का मौका मिला. महज 15 साल की उम्र में इसने बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा के दम पर जगह बनाना ही बड़ी बात है. साल 1990-91 के रणजी सीजन में ओडिशा के खिलाफ 234 रन की पारी ने उनके करियर को नया मोड़ दिया. इस पारी के बाद उनको 1994 में बंगाल की तरफ से खेलने का न्योता मिला और उन्होंने इसे स्वीकार किया. 1997 में सबा करीम ने भारत की तरफ से वनडे में डेब्यू किया. साल 2000 में वो टेस्ट डेब्यू करने में कामयाब हुए लेकिन यह उनके करियर का पहला और आखिरी टेस्ट साबित हुआ. कुल 34 वनडे और 1 टेस्ट सबा करीम ने भारत के लिए खेला.

सबा को हुआ हिन्दी लड़की से प्यार

साल 1987 में सबा करीम ने जब रणजी करियर में जम चुके थे तो वो दिल्ली शिफ्ट हुए. यहां उनकी मुलाकात एक दोस्त के जरिए रश्मि से हुई. दोनों के बीच बातें हुई और फिर मिलना जुलना शुरू हुआ और धीरे धीरे बात प्यार तक पहुंच गई. सबा मुस्लिम थे और रश्मि हिन्दी लिहाजा दोनों ही परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था. 2 साल तक परिवार को मनाते मनाते आखिरकार मां और पिता का दिल पिघल गया. साल 1989 में सबा करीम ने रश्मि से शादी की.

Tags: Saba karim

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