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घर की महिलाएं रो-रोकर हो रहीं बेहाल।
– फोटो : अमर उजाला
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वर्चस्व की लड़ाई थी। इसमें एक पक्ष ने तीन हत्याओं से ताकत दिखाई। दूसरे ने करोड़ों की संपत्ति राख कर गुस्सा दिखाया। राजधानी पटना से सटे जेठुली में लगी आग पर राजनीतिक रोटियां नहीं सेंकी जा सकीं, क्योंकि इतना बड़ा हंगामा हुआ मगर दोनों ही पक्ष एक ही जाति के थे। दोनों पक्ष बिहार की दबंग और सत्तासीन जाति से हैं, इसलिए डर बहुत बड़ा है। हाइवे किनारे दुकानों के बाहर बैठे पुलिसकर्मियों भी बाहर-बाहर शांति की बात कह रहे हैं, लेकिन डर तो इनके अंदर भी है। राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष अपनी जिस जाति को लाठियों में तेल पिलाने के लिए कहते थे, संघर्ष उसी जाति के दो गुटों का है। इसलिए, पुलिसकर्मी सहमे हैं।
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