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यूपी विधानसभा में बजट पेश करते वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
– फोटो : amar ujala
विस्तार
प्रदेश सरकार ने बजट में आधी आबादी का पूरा ख्याल रखा है। बेटी के जन्म से लेकर विवाह और रोजगार तक की परवाह की है। पहले से चल रही योजनाओं को निर्धारित बजट दिया है। उनकी सेहत सुधार की योजनाओं को भी आगे बढ़ाया है। इससे साफ है कि सरकार महिलाओं के हितों को लेकर गंभीर है।
राज्य सरकार ने बजट में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना को विस्तार दी है। इस योजना में बेटी पैदा होने से लेकर उसके विवाह तक 15 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके लिए बजट में 1050 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसी तरह सभी वर्गों की बेटियों की शादी के लिए मुख्यमंत्री विवाह योजना में छह सौ करोड़ और निर्धन लोगों की बेटियों के लिए शादी अनुदान में अलग से 150 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है।
इतना ही नहीं, ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए महिला सामर्थ्य योजना में स्वयं सहायता समूहों के लिए 63 करोड़ का प्रस्ताव है। इसी तरह महिलाओं की मजदूरी नुकसान और पोषण के लिए प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में 320 करोड़ का प्रावधान करके यह संदेश दिया है कि सरकार हर मोड़ पर उनके साथ है। बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ योजना का संचालन करते हुए टेक होम राशन के तहत गर्भवती महिलाओं व धात्री को पुष्टाहार उपलब्ध कराने के लिए 291 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना के जरिये भी मदद की जा रही है। इस योजना को पहले की तरह चालू रखा गया है।
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