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एकनाथ शिंदे
– फोटो : ANI
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महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के नए परीक्षा पैटर्न का विरोध हो रहा है। अभ्यर्थियों ने नए परीक्षा पैटर्न को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। कुछ दिनों से पुणे में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है। बुधवार को राज्य के कुछ अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हुए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बुधवार को छात्रों के प्रदर्शन के संबंध में मीडिया से बात कर रहे थे। इस दौरान उनकी जुबान फिसल गई और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की जगह उनकी जुबान से ‘चुनाव आयोग’ निकल गया।
सीएम शिंदे ने कहा कि उनकी सरकार ने ‘चुनाव आयोग’ से महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के नए परीक्षा पैटर्न को लागू करने के फैसले को स्थगित करने के लिए कहा है। शिंदे के इस बयान से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस समय उनके दिमाग में क्या चल रहा है। जाहिर तौर पर उनके कहने का मतलब यह था कि सरकार ने छात्रों की मांग के बारे में एमपीएससी को पत्र लिखकर नया परीक्षा पैटर्न नहीं लागू करने को कहा है।
सीएम शिंदे ने कहा, ‘हम महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में बैठने के इच्छुक छात्रों की मांगों से सहमत हैं। सरकार ने ‘चुनाव आयोग’ को इस रुख से अवगत करा दिया है और हमें ‘चुनाव आयोग’ से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।’
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