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नई दिल्ली. दुनियाभर में ऐसे कई क्रिकेटर हुए हैं, जिन्होंने क्रिकेट के अलावा किसी दूसरे खेल में अपना हाथ आजमाा है. जोंटी रोड्स, एंड्रयू फ्लिंटॉफ, इयान बॉथन, सूजी बेट्स, एलिस पेरी ऐसे कई विदेशी क्रिकेटरों की फेहरिस्त हैं, जो अपने देश के के लिए एक से ज्यादा खेलों में हिस्सा ले चुके हैं. भारत में भी ऐसे 5 क्रिकेटर हैं, जिन्होंने क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों में भी नाम बनाया है.
1. युजवेंद्र चहल: लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा हैं. सफेद गेंद क्रिकेट में उन्होंने शानदार खेल दिखाया है. चहल ने भारत के लिए 72 वनडे में 5.26 की इकोनॉमी से 121 विकेट झटके हैं. वहीं, 75 टी20 इंटरनेशनल में 8.13 की इकोनॉमी से 91 विकेट अपने नाम किए हैं. लेकिन किया आप जानते हैं कि क्रिकेट में कदम रखने से पहले चहल एक शानदार शतरज खिलाड़ी थे. चहल ने क्रिकेट और शतरंज दोनों में ही भारत का प्रतिनिधित्व किया है. उन्होंने खेल छोड़ने से पहले विश्व युवा शतरंज चैम्पियनशिप में भाग लिया था. उन्हें कोई प्रायोजक नहीं मिला था. इसके बाद उन्होंने शतरंज छोड़ क्रिकेट की तरफ अपने कदम बढ़ा लिए. चहल का नाम विश्व शतरंज महासंघ की आधिकारिक साइट में सूचीबद्ध है.
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2. कपिल देव: कपिल देव निर्विवाद रूप से भारत के अब तक के सबसे महान ऑलराउंडर हैं और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी अद्भुत सफलता ने आने वाली पीढ़ियों को तेज गेंदबाजी करने के लिए प्रेरित किया. क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने और कई रिकॉर्ड बनाने के साथ-साथ कपिल देव ने 1983 में भारत को पहला वर्ल्ड कप भी दिलाया था. दिग्गज क्रिकेटर ने क्रिकेटर से संन्यास लेने के बाद कई शौकिया गोल्फ टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व किया. उन्हें एशिया पैसिफिक सीनियर 2018 में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए ऋषि नारायण और अमित लूथरा के साथ चुना गया था. मार्च 2021 में उन्हें प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (PGTI) के बोर्ड सदस्यों में से एक के रूप में शामिल किया गया था. इस खेल के प्रति अपने लगाव के बारे में कपिल ने एक बार कहा था, ”मुझे फुटबॉल तब पसंद था, जब मैं क्रिकेट खेल रहा था. लेकिन गोल्फ एक जुनून बन गया और अब एक लत.
3. कोटा रामास्वामी: कोटा रामास्वामी ने टेनिस और क्रिकेट दोनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है. उन्होंने 1920 के दशक में डेविस कप में खेला और फिर 1936 में इंग्लैंड के दौरे के दौरान दो टेस्ट मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया. उनका टेस्ट डेब्यू 40 साल की उम्र में हुआ और उनका अधिकतम स्कोर 60 रन था. उनका प्रथम श्रेणी करियर अच्छा रहा. उन्होंने 53 मैचों में 28.91 के औसत से दो शतक और 12 अर्द्धशतक के साथ 2400 रन बनाए. रामास्वामी ने 33.06 की औसत से 30 विकेट भी लिए.
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4. अजीत अगरकर: अजीत अगरकर ने भी कपिल देव की तरह क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद गोल्फ में हाथ आजमाए.उनका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी अच्छा करियर था, खासकर व्हाइट-बॉल क्रिकेट में. अगरकर ने 191 वनडे मैचों में 27.85 के औसत और 5.07 की इकोनॉमी रेट से 288 विकेट लिए. उन्होंने 26 टेस्ट में केवल 58 विकेट लिए. अगरकर 2003-04 में एडिलेड में भारत की मशहूर जीत में 41 रन देकर छह विकेट के आंकड़े के साथ गेंदबाजी नायक थे. रिटायमेंट के बाद कपिल देव की तरह अगकर ने भी कई गोल्फ टूर्नामेंट खेले और जीते भी. अगरकर ने 2016 में बेंगलुरु में प्रेस्टीज गोल्फशायर में आयोजित बीएमआर वर्ल्ड कॉरपोरेट गोल्फ चैलेंज का इंडिया फाइनल जीता था.
5. चुन्नी गोस्वामी: स्वर्गीय चुन्नी गोस्वामी एक प्रसिद्ध फुटबॉलर थे. उन्होंने 1962 के एशियाई खेलों में गोल्ड और 1964 के एशिया कप में सिल्वर मेडल जीतकर भारत के लिए 50 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले. उन्होंने 1960 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भाग लेने वाली भारतीय टीम का भी प्रतिनिधित्व किया था. फुटबॉल से संन्यास लेने के बाद गोस्वामी ने क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित किया. उन्होंने 46 प्रथम श्रेणी मैचों में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें 28.42 की औसत से 1592 रन बनाए. उन्होंने एक शतक और सात अर्धशतक लगाए. अपनी मीडियम पेस से उन्होंने 24.08 की औसत से 47 विकेट लिए.
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Tags: Ajit Agarkar, Indian Cricketers, Kapil dev
FIRST PUBLISHED : February 24, 2023, 20:35 IST
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