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चारधाम यात्रा
– फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विस्तार
चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए परिवहन विभाग की ओर से क्या करें और क्या ना करें (डू एंड डोंट्स) की सूची जारी की गई है। जिसके तहत 4225 मिलीमीटर से अधिक व्हील बेस और 250 सेंटीमीटर से अधिक चौड़ाई वाले वाहनों को यात्रा पर नहीं जाने दिया जाएगा। वाहन संचालकों को इन नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
आरटीओ (प्रवर्तन) शैलेश तिवारी ने बताया कि तीर्थयात्रियों को सुरक्षित यात्रा कराई जा सके, इसके लिए सभी बिंदुओं पर बारीकी से विचार किया जा रहा है। चारधाम यात्रा के सभी चेकपोस्टों के साथ ही विभागीय कार्यालयों, बस अड्डों, संयुक्त रोटेशन, रेलवे स्टेशनों पर भी क्या करें और क्या ना करें से जुड़े होर्डिंग, बैनर, पोस्टर लगवाए जा रहे हैं।
चारधाम यात्रा पर जाने वाले वाहनों के चालक क्या करें
- बसों, टैक्सी का ग्रीन कार्ड हासिल करने के साथ ही यात्रा पर जाएं।
- 4225 मिलीमीटर से अधिक व्हील बेस, 250 सेंटीमीटर से अधिक चौड़ाई वाले वाहनों को चारधाम यात्रा पर ना ले जाएं।
- चारधाम यात्रा पर सिर्फ दक्ष और अनुभवी चालक ही गाड़ियों का संचालन करें।
- गाड़ियों में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन उपकरण, लकड़ी का गुटका, रस्सी रखना अनिवार्य होगा।
- यात्रा शुरू करने से पहले गाड़ियों का ब्रेक, गियर, टायर, स्टीयरिंग की भलीभांति जांच करनी होगी।
- पर्वतीय मार्ग पर मोड़ों पर हाॅर्न बजाना अनिवार्य होगा।
- वाहन को सुरक्षित स्थान पर ही पार्क करने के साथ हैंडब्रेक लगाना होगा।
- पर्वतीय इलाकों में मौसम खराब होने, भूस्खलन होने की स्थिति में जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा।
- यात्रा शुरू करते समय और वापसी में यात्रा चेकपोस्ट पर तमाम जानकारियां मुहैया करानी होंगी।
- गाड़ियों में कूड़ेदान रखना अनिवार्य होगा।
- चालक लगातार गाड़ियों का संचालन ना करें। यात्रा के दौरान जगह-जगह विश्राम करना होगा।
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