Home Breaking News Chandigarh : कांग्रेस अधिवेशन में गूंजा अजनाला हिंसा का मामला, बाजवा और वड़िंग ने घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

Chandigarh : कांग्रेस अधिवेशन में गूंजा अजनाला हिंसा का मामला, बाजवा और वड़िंग ने घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

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Chandigarh : कांग्रेस अधिवेशन में गूंजा अजनाला हिंसा का मामला, बाजवा और वड़िंग ने घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

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अजनाला थाने के बाहर हंगामा

अजनाला थाने के बाहर हंगामा
– फोटो : ANI

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छत्तीसगढ़ के कांग्रेस महाधिवेशन में पंजाब के अजनाला में हुई हिंसा का मुद्दा भी जोर शोर से उठा। पंजाब के कांग्रेस नेताओं ने अजनाला हिंसा को लेकर अधिवेशन में टिप्पणी की है। नेता प्रतिपक्ष पंजाब प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि दो दिन पहले जो कुछ हुआ, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। 75 साल में पहली बार ऐसा हो रहा है मगर मुख्यमंत्री ने एक बयान नहीं दिया। वहां जो कुछ हुआ है वह केंद्र और राज्य सरकार की नाकामी है। नेताओं ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया।

बाजवा ने कहा- यहां महाधिवेशन में सबसे बड़ा मुद्दा है। उस पर चर्चा हो रही है। मैं यह बताना चाहता हूं कि पंजाब देश का कोहिनूर रहा है। पंजाब में लगातार आजादी के बाद पंजाबियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। पंजाब रिकवरी की ओर चल रहा था। इस बीच फिर से सब शुरू हो गया है। अमृतपाल सिंह के साथियों के ऊपर केस दर्ज हुआ। उसके एक साथी तूफान सिंह को गिरफ्तार किया गया था। फिर अमृतपाल सिंह ने चेतावनी दी कि मैं अपने साथियों को छुड़ाने आ रहा हूं। इसके बाद अजनाला के पुलिस स्टेशन के ऊपर अटैक कर दिया गया। हमने 75 साल में ऐसा नहीं देखा। हमने इतना बुरा दौर देखा था, पर ऐसा नहीं हुआ था। अमृतपाल सिंह ने गृह मंत्रालय को भी कहा था, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया।

वहीं, पंजाब भाजपा अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि उन्होंने 8 अक्तूबर 2022 को डीजीपी को पत्र लिखकर कहा था कि आप अमृतपाल की हरकतों पर नजर रखें। उनके लोगों को लगातार हथियारों के लाइसेंस दिए जा रहे हैं। उनके लोग हथियारों का खुला प्रदर्शन कर रहे हैं। थाने पर कब्जे की घटना पहली घटना है। राज्य सरकार अक्षम है। वह केंद्र सरकार के दबाव में है, इसलिए ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।

वहीं, पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा ने अजनाला की घटना को इंटेलिजेंस फेलियर बताया। उन्होंने कहा कि देश के गृहमंत्री को इस घटना की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इस पर तो उनका कोई बयान भी नहीं है। इसके साथ ही प्रताप बाजवा ने कहा कि इस घटना पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन समिति की जिम्मेदारी भी बनती है। अमृतपाल, श्री गुरु ग्रंथ साहिब को लेकर पुलिस थाने में जा रहा है तो उसका विरोध करना चाहिए। गलत काम के लिए ग्रंथ साहिब को ढाल बनाया जा रहा है। भगवंत मान और भाजपा पंजाब की शांति भंग करना चाहते हैं वह हम होने नहीं देंगे।

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