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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जजों पर अमर्यादित टिप्पणी के आरोपी बर्खास्त डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों व उनके सहयोगी प्रदीप शर्मा को छह महीने की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार का कृत्य करने वालों के खिलाफ ट्रायल जरूरी नहीं है। ऐसे व्यवहार के वीडियो मौजूद हैं। वहीं, सजा सुनने के बाद सेखों ने कोर्ट में ही न्यायिक गुंडागर्दी मुर्दाबाद के नारे लगाए।
हाईकोर्ट में 15 फरवरी को नशे की तस्करी से जुड़े मामले की सुनवाई के बाद बर्खास्त डीएसपी बलविंदर सेखों व उसके सहयोगी ने प्रेसवार्ता कर जजों और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आपत्तिजनक बात की थी। इसका एक वीडियो भी उसने अपने चैनल पर अपलोड कर दिया था। इस वीडियो पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने दोनों आरोपियों के खिलाफ 20 फरवरी को वारंट जारी किया।
वारंट जारी होते ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को पंजाब पुलिस के बर्खास्त डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों और उनके कानूनी सहयोगी प्रदीप शर्मा को वीडियो अपलोड करने के मामले में अवमानना की कार्रवाई के तहत पेश किया गया था। जस्टिस जीएस संधावालिया और जस्टिस हरप्रीत कौर जीवन की खंडपीठ ने इन वीडियो को लेकर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई के तहत सुनवाई आरंभ की थी।
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