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हिंदी हैं हम शब्द-श्रृंखला में आज का शब्द है शोभा जिसका अर्थ है - 1. कांति; चमक 2. सजावट; छवि 2. सुंदरता; सौंदर्य। कवि सोहनलाल द्विवेदी ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है।
आया वसंत आया वसंत
छाई जग में शोभा अनंत।
सरसों खेतों में उठी फूल
बौरें आमों में उठीं झूल
बेलों में फूले नये फूल
पल में पतझड़ का हुआ अंत
आया वसंत आया वसंत।
लेकर सुगंध बह रहा पवन
हरियाली छाई है बन बन,
सुंदर लगता है घर आँगन
है आज मधुर सब दिग दिगंत
आया वसंत आया वसंत।
भौरे गाते हैं नया गान,
कोकिला छेड़ती कुहू तान
हैं सब जीवों के सुखी प्राण,
इस सुख का हो अब नही अंत
घर-घर में छाये नित वसंत।
20 minutes ago
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