[ad_1]

Rahul Gandhi
– फोटो : ANI
विस्तार
भाजपा ने 2019 का लोकसभा का चुनाव जीतने के साथ ही 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी थी। तब से लेकर अब तक वह इस तरह का माहौल बनाती रही कि मानो विपक्ष की ओर से उसके सामने कोई चुनौती ही नहीं है, लेकिन राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ने पूरे देश में एक माहौल खड़ा करने का काम किया। कांग्रेस के रायपुर अधिवेशन ने उस यात्रा की दावेदारी को एक ‘मोर्चाबंदी’ के रूप में पेश करने का काम किया है।
रायपुर अधिवेशन से पार्टी ने न केवल यह संकेत दे दिया है कि वह 2024 में पीएम नरेंद्र मोदी को ‘वाक ओवर’ देने को तैयार नहीं है, बल्कि वह राहुल गांधी को भी विपक्ष के नेता के तौर पेश करने की दावेदारी करती हुई दिखाई पड़ रही है।
[ad_2]
Source link