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कुणाल शाह
– फोटो : Social Media
विस्तार
कम से कम वेतन लेने की घोषणा करने वाले कंपनी के सीईओ की लिस्ट लंबी होती जा रही है। ऐसे सीईओ मानते हैं कि कंपनी के सीईओ का वेतन कंपनी के प्रदर्शन का प्रतिबिंब होना चाहिए। कंपनी सीईओ को तब तक भारी-भरकम सैलरी नहीं लेनी चाहिए जब कि कंपनी बढ़िया मुनाफा कमाने की स्थिति में ना हो।
हालिया उदाहरण CRED के सीईओ कुणाल शाह का हैं। उन्होंने हाल ही में खुलासा किया कि वह एक सफल फिनटेक कंपनी का नेतृत्व करने के बावजूद 15,000 रुपये का ही मासिक वेतन लेते हैं। शाह का मानना है कि जब तक क्रेड मुनाफा कमाने वाली कंपनी नहीं बनती है तब तक वे भारी भरकम सैलरी लेने के अधिकारी नहीं है।
सीआरईडी के सीईओ ने बीते 26 फरवरी को इंस्टाग्राम पर ‘आस्क मी एनीथिंग’ नामक एक आयोजन से जुड़े सत्र में अपने वेतन का खुलासा किया था। शाह ने शाह ने बताया था कि उन्हें महज 15,000 रुपये का मासिक वेतन ही मिलता है। उनका मानना है कि उन्हें तब तक अच्छा वेतन नहीं मिलना चाहिए जब तक कि कंपनी लाभदायक नहीं हो जाती। शाह ने यह भी उल्लेख किया कि वह इस वेतन पर जीवित रहने में सक्षम हैं क्योंकि उन्होंने अपनी पिछली कंपनी फ्रीचार्ज को पर्याप्त राशि में बेचा था।
एक ट्विटर यूजर अजीत पटेल ने शाह की इंस्टाग्राम स्टोरी का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कमेंट किया था कि ऐसे सीईओ हैं जो करोड़ों में वेतन कमाते हैं, जबकि कुणाल शाह सरीखे सीईओ 15,000 रुपये का मामूली वेतन कमाते हैं। उनके इस पोस्ट को दो हजार से अधिक लाइक मिले हैं और 1,73,500 से अधिक बार देखा गया है।
शाह के इस खुलासे पर मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली है। कुछ लोग कंपनी के लाभदायक होने तक उच्च वेतन नहीं लेने के उनके फैसले की सराहना की है वहीं कुछ लोगों का मानना है कि ऐसी घोषणाएं महज आयकर से बचने की कवायद है। उनका तर्क है कि कुछ लोगों को ऐसी चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता है, क्योंकि उनके पास इसकी भरपाई करने के कई अन्य तरीके हैं।
एक यूजर ने लिखा, ‘भाई, आप अपने ज्यादातर स्टार्टअप्स के बारे में जो बात कर रहे हैं, वह घाटे में चल रहा है और निवेशकों का पैसा जला रहा है आपको तो शून्य सैलरी लेनी चाहिए। स्टार्टअप्स को प्रॉफिटेबल बनाने पर ध्यान देना चाहिए, न कि निवेशक की पूंजी जलाने पर।
एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘वह सीरीज राउंड में अपने शेयर बेचेंगे, इसलिए उन्हें वेतन की परवाह नहीं है. उन्होंने लिखा, ‘उनके एंजेल निवेश से उन्हें आय भी होगी, जब वह निवेश से बाहर निकलेंगे।
शाह से पहले जुकरबर्ग और मस्क भी कर चुके हैं कम सैलरी लेने की घोषणा
2013 में, फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने 1 डॉलर के वार्षिक वेतन का अनुरोध किया, जिससे वह फेसबुक में सबसे कम सैलरी पाने वाले कर्मचारी बन गए थे। हालांकि, उन्हें बोनस और स्टॉक्स जैसे अन्य तरीकों से भी कमाई हुई। जुकरबर्ग ने कहा था कि उनका वेतन उनके इस विश्वास का प्रतीक है कि उनकी सफलता फेसबुक की सफलता से जुड़ी है।
टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने भी कहा था कि उन्होंने प्रति वर्ष केवल सिर्फ एक डॉलर का का वेतन लिया। उन्हें टेस्ला के मार्केट कैप और अन्य वित्तीय मैट्रिक्स से जुड़ी प्रदर्शन-आधारित मुआवजे के तरीकों से लाभ मिलता है। मस्क की मुआवजा योजना उन्हें स्टॉक विकल्पों से 55.8 बिलियन डॉलर तक की कमाई की अनुमति देता है पर यह तब संभव है जब उनकी कंपनी टेस्ला अपने लक्ष्यों को हासिल करे।
ट्विटर के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी के भी सालाना एक डॉलर का वेतन लेने की खबरें मीडिया में आई थी। जुकरबर्ग और मस्क की तरह डोर्सी का मुआवजा भी स्टॉक अवार्ड्स और बोनस के अन्य माध्यम के जरिए उनकी कंपनी के प्रदर्शन से जुड़ा था।
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