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नई दिल्ली. किसी भी खेल के बड़े खिलाड़ियों की बात करें, तो अधिकतर को मैदान के अलावा घर पर भी संघर्ष करना पड़ा. चाहे बात पैसे की रही हो या फिर सपोर्ट की. ऐसी ही एक कहानी दुनिया के खतरनाक ओपनर बल्लेबाजों में शामिल गॉर्डन ग्रीनिज की है. वेस्टइंडीज के बैटर ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 37 हजार से अधिक रन बनाए. बारबाडोस में जन्मे इस क्रिकेटर पर 8 साल की उम्र में ही पहाड़ टूट पड़ा. मां ने नौकरी के लिए घर छोड़ दिया और वे लंदन चली गईं. ऐसे में ग्रीनिज को नानी के साथ रहना पड़ा. संघर्ष के दिनों में उन्हें पीठ पर खाद का बोरा तक ढोना पड़ा, ताकि घर चलाया जा सके.
गॉर्डन ग्रीनज ने अपनी ऑटोबायोग्राफी ‘गॉर्डन ग्रीनिज द मैन इन मिडिल’ में लिखा, “8 साल की उम्र में मां नौकरी में अच्छे मौके की तलाश में लंदन चली गईं. इस कारण मुझे नानी के साथ रहना पड़ा. काम के दौरान उन्हें एक व्यक्ति से प्यार हो गया. शादी के बाद मेरा नाम गॉर्डन ग्रीनिज हो गया.’ उन्होंने आगे लिखा कि जब मैं करीब 14 साल का था, तब लंदन आया. फिर अपने सौतेले पिता के साथ रहने लगा.
ब्लैक बास्टर्ड तक कहा गया
गॉर्डन ग्रीनिज ने स्कूल की पढ़ाई रीडिंग शहर से की. अश्वेत होने की वजह से उन्हें दूसरे साथी ब्लैक बास्टर्ड कहकर बुलाते थे. तब तक उन्होंने क्रिकेट को करियर तक बनाने की नहीं सोची थी. ग्रेजएशन के दौरान उन्होंने क्लब क्रिकेट खेलना शुरू किया. उन्हें इंग्लिश क्लब हैंपशायर से खेलना शुरू किया, लेकिन लगभग 2 साल की नाकामी के बाद 1969 में क्लब से उनका करार लगभग खत्म ही होने वाला था. इसके बाद उन्होंने वापसी की और बैरी रिचर्ड्स के साथ दुनिया की बेहतरीन ओपनिंग जोड़ी में अपनी जगह बनाई.
इंग्लैंड को नहीं वेस्टइंडीज को चुना
गॉर्डन ग्रीनिज चूंकी इंग्लैंड में रह रहे थे. ऐसे में उन्हें इंग्लैंड की टीम में भी जगह मिल सकती थी, लेकिन उन्होंने वेस्टइंडीज को चुना. 1974 में उन्होंने इंटरनेशनल डेब्यू किया और वे भी बेंगलुरु में भारत के खिलाफ. ग्रीनिज ने पहली पारी में 93 जबकि दूसरी पारी में 107 रन बनाए. टीम ने यह मुकाबला 267 रन के बड़े अंतर से जीता भी. इसके बाद ग्रीनिज कहां रूकने वाले थे. उन्होंने 108 टेस्ट की 185 पारियों में 45 की औसत से 7558 रन बनाए. 19 शतक और 34 अर्धशतक लगाया. 226 रन बेस्ट स्कोर रहा. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 92 शतक के दम पर 37354 रन बनाए.
यादगार दोहरा शतक भी जड़ा
ग्रॉर्डन ग्रीनिज ने 128 वनडे में भी 45 की औसत से 5134 रन बनाए. 11 शतक भी ठोका. इससे उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाजा लगाया जा सकता है. 2 वनडे वर्ल्ड कप भी जीते. 1984 में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में उनका यादगार दोहरा शतक आज भी सभी को याद है. इंग्लैंड ने वेस्टइंडीज को 342 रन का टारगेट दिया था. 5वें दिन बल्लेबाजी वैसे भी आसान नहीं रहती है. ग्रीनिज ने 242 गेंद पर नाबाद 214 रन की पारी खेलकर वेस्टइंडीज को यादगार जीत दिलाई थी.
गॉर्डन ग्रीनिज दुनिया के इकलौते ऐसे बैटर हैं, जिन्होंने अपने 100वें टेस्ट और 100वें वनडे दोनों में शतकीय पारी खेली. इतना ही नहीं अपने पहले और 100वें टेस्ट में भी शतक जड़ने का वे कारनामा कर चुके हैं. बाद में बतौर कोच उन्होंने बांग्लादेश के क्रिकेट को बढ़ाने में अहम योगदान दिया.
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Tags: ICC, West indies
FIRST PUBLISHED : March 01, 2023, 09:34 IST
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