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फारूक अब्दुल्ला
– फोटो : एएनआई
DMK की ओर से विपक्षी एकता को जोर देने की कवायद पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने फारूक अब्दुल्ला बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत विविधता में एकता का देश है। अगर हम विविधता की रक्षा करेंगे, तो हम एकता की रक्षा करेंगे और इसलिए मुझे लगता है कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत को एकजुट करने की कोशिश अच्छी शुरूआत है। मुझे उम्मीद है कि विपक्ष और मजबूत होगा। अन्य नेता भी उसी तरह से सोचेंगे। हमारे पास एक खुशहाल देश है, हम इसे और आगे ले जाएंगे।
विपक्ष के पीएम उम्मीदवार पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जब हम सभी एकजुट होंगे और जीतेंगे, उस समय तय करेंगे कि इस देश का नेतृत्व करने और एकजुट करने के लिए सबसे अच्छा व्यक्ति कौन है। जब उनसे पूछा गया कि क्या एमके स्टालिन पीएम उम्मीदवार हो सकते हैं? तो उन्होंने कहा कि क्यों नहीं? वह पीएम क्यों नहीं बन सकते? इसमें गलत क्या है?
फारूक अब्दुल्ला ने चेन्नई में द्रमुक की बैठक के दौरान कहा कि आइए हम ये भूल जाएं कि कौन प्रधानमंत्री बनने जा रहा है, आइए पहले हम 2024 का लोकसभा चुनाव जीतें। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सभी समान विचारधारा वाले विपक्षी दलों को विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ एक साथ आना चाहिए। मैंने कभी नहीं कहा कि कौन नेतृत्व करेगा या कौन पीएम बनेगा। यह सवाल नहीं है। हम एकजुट होकर लड़ना चाहते हैं, यही हमारी इच्छा है।
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