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जलवायु परिवर्तन: वैज्ञानिकों के एक शोध से पता चला है कि ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका में तेजी से बर्फ पिघल रही है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगर मानव पृथ्वी के बढ़ने के तापमान को 2 डिग्री सेल्सियन पर रोक देता है तो भी दोनों ध्रुवों पर खतरा कम होने वाला नहीं है। आने वाले समय में इतना बर्फ पिघल जाएगा कि इससे तटीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों का खतरा काफी हद तक बढ़ रहा है। कोरिया के पर्यावरण विज्ञान के क्लाइमेट फिजिसिस्ट एक्सेल टिमरमैन इन दोनों ध्रुवों के बारे में कारणों से पिछली सदी में समुद्री जलस्तर 20 बढ़ा औसत की दर से बढ़ा है। इसका मतलब यह है कि हर 10 में से एक व्यक्ति अंटार्कटिका और ग्रीनलैंड के लिए दुनिया में रहने का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे लोगों को जल्द ही अपने रहने का स्थान प्राप्त होगा।
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