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India-China: सीमा पर तनाव के बीच विदेश मंत्री जयशंकर ने चीनी समकक्ष से की मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

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India-China: सीमा पर तनाव के बीच विदेश मंत्री जयशंकर ने चीनी समकक्ष से की मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

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#WATCH | EAM Dr S Jaishankar & Chinese Foreign Minister Qin Gang hold a bilateral meeting on the sidelines of G20 Foreign Ministers’ meeting in Delhi pic.twitter.com/ZKymDEkXQN

— ANI (@ANI) March 2, 2023

जयशंकर ने कही यह बात

चीन को लेकर विदेश मंत्री ने कहा कि हमारे रिश्ते में वास्तविक समस्याएं हैं । इनके निपटान के लिए हमारे बीच बहुत खुलकर और स्पष्ट रूप से चर्चा करने की आवश्यकता है। चीनी समकक्ष से मुलाकात के बारे में उन्होंने कहा कि इस बैठक का फोकस हमारे द्विपक्षीय संबंधों और उसमें मौजूद चुनौतियों के साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और अमन-चैन पर था। 

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि जी20 प्रेसीडेंसी द्वारा आयोजित जी20 विदेश मंत्रियों की यह सबसे बड़ी सभा थी। इसमें हमने सभी G20 देशों की भागीदारी देखी। इस दौरान उन्होंने आने वाले समय में युद्धों और आतंकवाद को रोकने  के मामले में बहुपक्षवाद आज संकट में है। उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी ने हमें इस बारे में सोचने की सलाह दी है कि “हमें क्या एकजुट करता है और क्या विभाजित करता है”। पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ को आवाज देना महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया इन देशों को वास्तव में अस्थिर ऋण और ग्लोबल वार्मिंग के मामले में पिछड़ते हुए देख रही थी। 

 उन्होंने आगे कहा कि पहली बार G20 के विदेश मंत्रियों ने नशीले पदार्थों के विषय पर चर्चा की। साथ ही इस संबंध में समावेशी और मजबूत अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने आगे कहा कि G20 बैठक में रूस और यूक्रेन के मुद्दों की चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।  

विदेश मंत्री बनने के बाद किन की  पहली भारत यात्रा

गौरतलब है कि चीन के विदेश मंत्री किन गैंग की पिछले दिसंबर में अपने पूर्ववर्ती वांग यी से पद संभालने के बाद किन की भारत की यह पहली यात्रा है और एस जयशंकर के साथ यह उनकी पहली मुलाकात भी है। दोनों नेताओं की मुलाकात से पहले, बुधवार को कहा था कि वह भारत के साथ अपने संबंधों को महत्व देता है और दोनों देशों के बीच एक मजबूत संबंध है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि चीन और भारत प्राचीन सभ्यताएं हैं और दोनों में एक अरब से अधिक लोग रहते हैं। हम पड़ोसी हैं और दोनों उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं हैं। एक मजबूत चीन-भारत संबंध दोनों देशों और लोगों के मौलिक हितों को पूरा करता है।  

दोनों देशों के बीच जारी है तनाव

मई 2020 में दोनों देशों के बीच पूर्वी लद्दाख सैन्य गतिरोध के बाद से चीन और भारत के बीच संबंध खराब हो गए हैं। गतिरोध को दूर करने के लिए दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय सैन्य कमांडरों की 17 दौर की वार्ता हो चुकी है। भारत का कहना है कि जब तक सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति नहीं होगी तब तक चीन के साथ उसके संबंध सामान्य नहीं हो सकते।



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