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दाने-दाने को मोहताज उत्तर कोरिया
– फोटो : AMAR UJALA
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उत्तर कोरिया खाद्य संकट के दौर से गुजर रहा है। यहां की एक बड़ी आबादी भुखमरी की कगार पर है। यहां तक कि कई लोग भूख के चलते जान गंवा चुके हैं। उधर देश के विकास पर कृषि क्षेत्र का नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। विशेषज्ञ लगातार बिगड़ती स्थिति की ओर इशारा कर रहे हैं। इसी बीच उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने देश में खाद्य असुरक्षा को दूर करने के लिए एक बैठक बुलाई है।
गहराते संकट के बीच देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के नेताओं के साथ एक अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने नेताओं को बताया कि सभी खेतों में उपज बढ़ाने पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। किम ने प्रत्येक क्षेत्र और इकाई के लिए ग्रामीण समुदायों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराये जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
किम ने बैठक में कई अहम योजनाओं को लागू करने की बात की। इसमें असामान्य जलवायु घटनाओं से निपटने के लिए सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण करना और ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च दक्षता वाली कृषि मशीनों की आपूर्ति करना शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार ज्वार-भाटे प्रभावित भूमि को फिर से कृषि योग्य भूमि बनाएगी। खेती वाले क्षेत्रों का विस्तार करेगी। उन्होंने कृषि के विकास पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाले आंतरिक कारकों को समय पर पता लगाने और दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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