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खबरों के खिलाड़ी का राजनैतिक विश्लेषण
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अमर उजाला अपनी विशेष प्रस्तुति ‘खबरों के खिलाड़ी’ की दूसरी कड़ी के साथ एक बार फिर आपके बीच मौजूद है। यह राजनीतिक और चुनावी चर्चा आप अमर उजाला के यू-ट्यूब चैनल https://www.youtube.com/c/amarujala पर आज रात 9 बजे और रविवार सुबह 9 बजे देख सकते हैं। पिछले दिनों मेघालय, त्रिपुरा, नगालैंड के चुनाव और महाराष्ट्र में उपचुनाव के नतीजे सामने आए। राहुल गांधी का कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में दिया गया संबोधन विवादों में आ गया। जानिए, इन मुद्दों पर इस बार की विशेष चुनावी चर्चा में राजनीतिक विश्लेषकों की क्या राय सामने आई…
इस बार चर्चा में जाने माने पत्रकार जयशंकर गुप्त, सुमित अवस्थी, हर्षवर्धन त्रिपाठी, मेघा प्रसाद, अशोक वानखेड़े और विनोद अग्निहोत्री मौजूद रहे।
सुमित अवस्थी
‘पूर्वोत्तर के तीन राज्यों के नतीजे सामने आ गए हैं। बीते हफ्ते देश में काफी कुछ हुआ। राहुल गांधी विदेश गए और कैम्ब्रिज में उनके बयान की खूब चर्चा हुई। इलाहाबाद में उमेश पाल हत्याकांड के बाद योगी सरकार का बुलडोजर चला। चुनाव नतीजों से साफ है कि भाजपा को कोई हिला नहीं पाया है। कांग्रेस की जो तैयारी है, क्या उससे भाजपा को मात दी जा सकेगी? कांग्रेस ने जिस तरह से पूर्वोतर में लापरवाही बरती ऐसे में क्या वह अगले चुनावों में भाजपा का सामना करने के लिए तैयार है? यह बड़ा सवाल है।’
जयशंकर गुप्त
‘पूर्वोतर के चुनाव सत्ता का सेमीफाइनल नहीं हैं क्योंकि वहां यही ट्रेंड रहा है कि पूर्वोत्तर में उसी की सरकार बनी है, जिसकी केंद्र में सरकार होती है। ऐसे में इसे सेमीफाइनल नहीं कहा जा सकता है। भाजपा का चरित्र दोहरा है। राजस्थान में गौमांस खाने पर हत्या हो जाती है और पूर्वोतर में खुद भाजपा नेता गौमांस खाने की बात कह रहे हैं। उद्धव ठाकरे की पार्टी खत्म नहीं हुई है। चुनाव आयोग ने जिस तरह से फैसला दिया, उस पर सवाल उठ रहे हैं। संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कांग्रेस ने किया, उसे अब भाजपा आगे बढ़ा रही है। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्री भ्रष्टाचार में पकड़े गए, लेकिन उनके घर पर बुलडोजर नहीं चला। मीडिया में इस पर कोई बात नहीं हुई। हालांकि भाजपा के लिए तारीफ की बात यह है कि उसके नेता 365 दिन राजनीति करते हैं और लगातार सक्रिय रहते हैं। कांग्रेस इस मामले में बहुत पीछे है।’
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