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राजधानी में पैदा होने वाले बच्चे अब मूक-बधिर नहीं रहेंगे
– फोटो : अमर उजाला
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राजधानी में पैदा होने वाले बच्चे अब मूक-बधिर नहीं रहेंगे। सामान्य बच्चों की तरह बोलना और सुनना संभव होगा। इससे वह किलकारियां भी भरेंगे और हाव-भाव से संवेदनाएं भी जाहिर होती रहेंगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस तरह के दिव्यांग बच्चों की पहचान करने का फैसला लिया है। शुक्रवार से दिल्ली के सभी 31 सरकारी अस्पतालों में एक माह तक के सभी नवजात की जांच शुरू हो चुकी है।
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