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हाइलाइट्स
जब क्रिकेट से संन्यास के बाद खिलाड़ियों के दिन फिरे
आर्थिक तंगी के कारण एक खिलाड़ी को तो गार्ड की नौकरी करनी पड़ी
नई दिल्ली. क्रिकेट में ग्लैमर के साथ ही पैसा भी है. एक पारी के दम पर खिलाड़ी रातों-रात स्टार बन जाते हैं. इस रुतबे के साथ पैसा भी उनपर बरसता हहै. कम से कम भारत में तो सबसे कमाई वाला खेल क्रिकेट ही है. भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के बिग थ्री देश कहलाने वाले खिलाड़ियों की अच्छी कमाई भी होती है.
आपने कई ऐसे खिलाड़ियों के बारे में सुना होगा जो क्रिकेट के कारण एक झटके में अमीर हो गए. पर क्या आप उन खिलाड़ियों को जानते हो जो अपने क्रिकेट के दिनों में तो अमीर थे. लेकिन, संन्यास के बाद रातों-रात सड़क पर आ गए. यानी अमीर से एक झटके में गरीब बन गए. आइए आपको उनके बारे में बताते हैं.
अमीर से गरीब बने क्रिकेटर में पहला नाम पाकिस्तान के अरशद खान का है. अरशद ने पाकिस्तान के लिए 9 टेस्ट और 58 वनडे खेले थे. उन्होंने 2006 में क्रिकेट को अलविदा कहा था. इसके बाद वो इंडियन क्रिकेट लीग का भी हिस्सा बने थे. हालांकि, इसके बाद उनके दिन फिर गए और उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा. इसके बाद वो किसी तरह परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया चले गए. वहीं परिवार का पेट पालने के लिए अरशद खान को सिडनी में कुछ सालों तक टैक्सी चलानी पड़ी. हालांकि, 2020 में उनके दिन पलटे और उन्हें पाकिस्तान महिला टीम का कोच बना दिया गया था.
क्रिस क्रेन्स को ट्रक तक धोना पड़ा
न्यूजीलैंड के पूर्व ऑलराउंडर क्रिस केर्न्स ने 19 साल की उम्र में डेब्यू किया था. वो साल 2000 में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में टीम इंडिया की जीत में रोड़ा बने थे. केर्न्स ने न्यूजीलैंड के लिए 62 टेस्ट और 215 वनडे खेले. उन्होंने 8 हजार से अधिक रन बनाए. क्रिस केर्न्स ने 2004 में टेस्ट और 2006 में वनडे से संन्यास लिया. इसके बाद उन्होंने कुछ साल हीरो का बिजनेस किया. लेकिन, इसमें उन्हें घाटा हुआ. वो इंडियन क्रिकेट लीग का भी हिस्सा बने. लेकिन वो मैच फिक्सिंग में उलझ गए.
इसके बाद उन्हें आर्थिक तंगी का सामना तक करना पड़ा. एक दौर में उन्हें परिवार पालने के लिए उन्हें ट्रक तक धोना पड़ा था. पिछले कुछ साल उनके लिए अच्छे नहीं बीते. उनकी हार्ट की सर्जरी हुई. इसके बाद लकवा मार गया, उससे ठीक हुए तो कैंसर भी हो गया.
एडम होलियोक का भी हुआ बुरा हाल
पूर्व ऑलराउंडर एडम होलियोक ने इंग्लैंड के लिए 1997 में टेस्ट और उससे एक साल पहले वनडे डेब्यू किया था. उन्होंने अपने क्रिकेट करिरयर में 4 टेस्ट और 35 वनडे खेले. जब वो क्रिकेट खेल रहे थे, उसी दौर में साल 2002 में उनके बड़े भाई की कार दुर्घटना में मौत हो गई थी. उन्होंने 2007 में क्रिकेट से संन्यास लिया. इसके बाद पारिवारिक बिजनेस संभालने लगे. 2008 की वैश्विक मंदी में बिजनेस ठप्प हो गया. 2011 में वो दिवालिया हो गए. इसके बाद उन्हें रोजी रोटी कमाने के लिए मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स सिखाने लगे. इसके बाद वो अफगानिस्तान में कोच बनकर गए और वहां की घरेलू टी20 लीग की टीम को कोचिंग देने लगे.
एक भारतीय क्रिकेटर ने भी झेली तंगहाली
जर्नादन नावले आजादी से पहले भारत के लिए खेले थे. नावले विकेटकीपर-बल्लेबाज थे. वह उस भारतीय टीम का हिस्सा थे, जिसने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था. उन्होंने 2 टेस्ट और 65 फर्स्ट क्लास मैच खेले. हालांकि, क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा. उनकी हालत इतनी खराब थी कि वो पुणे की एक शुगर मिल में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे और दो कमरे के छोटे से घर में रहते थे. 1979 में उनका निधन हो गया था.
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मैथ्यू सिन्क्लेयर ने रियल स्टेट कंपनी में नौकरी की
न्यूजीलैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज मैथ्यू सिन्क्लेयर की गिनती अपने दौर में धाकड़ बल्लेबाजों में होती थी. उन्होंने डेब्यू टेस्ट में दोहरा शतक ठोका था. हालांकि, अपनी फॉर्म के कारण टीम से अंदर-बाहर होते रहे. उन्होंने 2013 में संन्यास से पहले न्यूजीलैंड के लिए 33 टेस्ट और 54 वनडे खेले. हालांकि, संन्यास के बाद मैथ्यू सिन्क्लेयर को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा. अपने परिवार को पालने के लिए उन्होंने छोटी-मोटी नौकरी तक की. बाद में एक रियल स्टेट कंपनी से जुड़ गए.
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Tags: Chris Cairns, Cricket news
FIRST PUBLISHED : March 04, 2023, 06:38 IST
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