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cold cough syrup
– फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
भारतीय दवा कंपनी निर्मित कफ सिरप पीने से उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों की हुई मौत मामले में नोएडा की कोतवाली फेज तीन में दवा कंपनी के दो डायरेक्टर समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज छानबीन शुरू हो गई है। मामले में ऑपरेशन हेड समेत तीन आरोपियों को पुलिस शुक्रवार को ही गिरफ्तार कर चुकी है। कंपनी मालिक सचिन जैन व मालकिन जया जैन अभी फरार हैं।
नोएडा पुलिस की तीन टीमें फरार आरोपियों के दिल्ली और लखनऊ स्थित ठिकानों पर डेरा डाले हुए है। कई शहरों में पुलिस की दबिश जारी है। फरार दोनों आरोपी दिल्ली के ग्रेटर कैलाश क्षेत्र के रहने वाले हैं। उधर, गौतम बुद्ध नगर ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि मैरियन बायोटेक से परीक्षण के लिए लिए गए 36 नमूनों में से 22 के एथिलीन ग्लाइकोल से मिलावटी पाए जाने के बाद केंद्र ने राज्य ड्रग कंट्रोलर अथॉरिटी से विनिर्माण लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की।
Uzbekistan cough syrup matter | Centre recommends the State Drug Controller Authority to cancel manufacturing licence of Marion biotech after 22 out of 36 samples taken for testing from it were found adulterated with Ethylene glycol: Gautam Budh Nagar Drug inspector, UP pic.twitter.com/A0noSUnwRF
— ANI (@ANI) March 4, 2023
बता दें कि उज्बेकिस्तान की सरकार ने दिसंबर 2020 में कफ सिरप पीने से 18 बच्चों की मौत के लिए नोएडा की दवा कंपनी निर्मित डॉक वन मैक्स सिरप को जिम्मेदार बताया था। इसके बाद इस मामले की जांच केंद्र व राज्य की औषधि विभाग ने की। इसमें पता चला कि जिस कफ सिरप से बच्चों की मौत का दावा किया गया था। वह नोएडा के सेक्टर-67 स्थित बी – 48, 49 में मेसर्स मैरियन बायोकॉन से निर्मित है।
औषधि विभाग ने कंपनी से सिपर का सैंपल लेकर चंडीगढ़ के प्रयोगशाला में जांच कराई। इनमें सभी 22 सैंपल फेल हो गए। जिसके बाद कोतवाली फेज तीन में कंपनी मालिक सचिन जैन, मालकिन जया जैन समेत ऑपरेशन हेड तुहिन भट्टाचार्य, केमिस्ट अतुल रावत व मूल सिंह को नामजद करते हुए केस दर्ज कराया गया। कोतवाली प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि मामले में तुहिन भट्टाचार्य, अतुल रावत व मूल सिंह को पुलिस गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मालिक व मालकिन अभी फरार है।
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