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एलजी वीके सक्सेना
– फोटो : ANI
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दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सोमवार को गुजरात की एक अदालत से अनुरोध किया कि 2002 में नर्मदा बचाओ आंदोलन (एनबीए) की कार्यकर्ता मेधा पाटकर पर हमला करने के मामले में उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मुकदमे को उनके संवैधानिक पद पर बने रहने तक स्थगित रखा जाए।
साथ ही वीके सक्सेना ने अपने आवेदन में आपराधिक कार्यवाही के खिलाफ प्रतिरक्षा की मांग करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 361 के उप-खंड 2 के प्रावधान का हवाला दिया है और अदालत से आग्रह किया है कि जब तक वह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के एलजी हैं, तब तक उनके खिलाफ कार्रवाई न की जाए।
मामले की सुनवाई अहमदाबाद में अतिरिक्त मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पीएन गोस्वामी की अदालत में चल रही है और मामले की अगली सुनवाई नौ मार्च को होगी। वहीं वीके सक्सेना मई 2022 में दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) बने थे। मामला 21 साल पुराना है जब गुजरात भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक अमित पी शाह सहित तीन अन्य पर दंगा, हमला, गलत तरीके से रोकना, आपराधिक धमकी और जानबूझकर अपमान के संबंध में मामला दर्ज किया गया था।
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