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होली पर घर जाने वालों लोगों की भीड़ के आगे मंगलवार को राजधानी के सभी रेलवे स्टेशनों पर किए इंतजाम धराशायी हो गए। स्पेशल ट्रेन के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्पेशल रेलवे पुलिस की तैनाती की गई थी, लेकिन यात्रियों की भीड़ व ट्रेनों की संख्या कम होने से स्टेशनों पर हालात बेहद खराब रहे। वहीं, जिन्हें आरक्षित टिकट नहीं मिला उनकी मजबूरी स्लीपर व अनारक्षित कोच में खड़े होकर यात्रा करने की रही।
हर साल की तरह इस साल भी रेलवे ने होली को लेकर खूब तैयारी की थी, ताकि यात्रियों की राह आसान की जा सके, लेकिन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से शाम को पटना के लिए रवाना होने वाली संपूर्ण क्रांति ट्रेन के नजारे ने सभी तैयारियों की पोल खोल दी। ट्रेन में चढ़ने की आपाधापी ऐसी थी कि जब दरवाजे से यात्रियों को प्रवेश नहीं मिला तो आपातकालीन खिड़की से ही किसी तरह प्रवेश करते दिखे।
इतना ही नहीं कई यात्री शौचालय की दुर्गंध के बीच सफर करने को मजबूर हुए। इस दौरान यात्री एक दूसरे से लड़ते भी रहे और प्रशासन भीड़ के सामने मूकदर्शक बना रहा। इसी तरह दोपहर से सप्तक्रांति, संपर्क क्रांति के अलावा वैशाली, पूर्वा समेत अन्य स्पेशल ट्रेनों का हाल था।
196 विशेष ट्रेनें चलाईं
रेलवे ने होली के लिए 196 विशेष ट्रेन चलाईं हैं। ट्रेनें सभी जोन में 491 चक्कर लगाएंगी। प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई, लेकिन भीड़ इतनी थी कि प्रबंधन करना रेलकर्मियों के लिए भारी पड़ा।
रेल अधिकारियों के अनुसार कई कनेक्टिंग ट्रेनें भी चलाई गई हैं, ताकि यात्री अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। देश के प्रमुख स्टेशन व स्थलों को जोड़ने के लिए विशेष ट्रेनें दिल्ली-पटना, दिल्ली-भागलपुर, दिल्ली-मुजफ्फरपुर, दिल्ली-सहरसा, गोरखपुर-मुंबई, कोलकाता-पुरी, गुवाहाटी-रांची, नई दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा, जयपुर-बांद्रा टर्मिनस, पुणे-दानापुर समेत कई अन्य रूट पर चलाई जा रही हैं।
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