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MP Sanjay Singh with K Kavitha at Jantar Mantar for Women’s Reservation Bill
– फोटो : Agency
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दिल्ली से लेकर हैदराबाद और पटना तक एजेंसियों के निशाने पर विपक्ष के बड़े-बड़े नेता आ गए हैं। इसी छापेमारी के दौरान विपक्षी नेताओं का समूह एकजुट होकर सत्ता पक्ष के विरोध में बड़ा धड़ा बनाने में लगा है। फिलहाल केसीआर की मुहिम पर खड़ा हो रहा विपक्ष तेलंगाना से लेकर महाराष्ट्र तक की बड़ी बड़ी रैलियां कर चुका है। इसी कड़ी में शुक्रवार को जंतर-मंतर पर भी 14 बड़े विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन भी शुरू हुआ। हालांकि विपक्षी दलों के इस समूह में फिलहाल दूर-दूर तक कांग्रेस तो नजर नहीं आ रही है। लेकिन सियासी गलियारों में चर्चा इस बात की हो रही है कि क्या एजेंसियों की छापेमारी से विपक्ष को कोई सियासी रूप से फायदा हो पाएगा या नहीं।
विपक्ष के नेता लगातार हमलावर
बीते कुछ समय से केंद्रीय एजेंसियों का शिकंजा हैदराबाद से लेकर पटना और दिल्ली में जमकर कसा जा रहा है। इन एजेंसियों ने आम आदमी पार्टी के दूसरे नंबर के सबसे बड़े नेता और दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जेल के पीछे पहुंचा दिया। आम आदमी पार्टी के ही पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन पहले से ही जेल में हैं। दिल्ली की एक्साइज पॉलिसी मामले में आम आदमी पार्टी से लेकर हैदराबाद में बीआरएस की बड़ी नेता और केसीआर की बेटी कविता से भी जांच एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। सिर्फ दिल्ली और हैदराबाद में आम आदमी पार्टी और बीआरएसी नहीं बल्कि बिहार की राजनीति के माहिर लालू यादव पर भी जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसियों की छापेमारी को लेकर विपक्ष के नेता लगातार हमलावर रहे हैं। मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद ही विपक्ष के ज्यादातर नेताओं ने न सिर्फ केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग की बात की बल्कि प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी भी लिखी।
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