Home Sports जब वह बल्लेबाजी करता है, तो गरजने लगते हैं बादल, भारत को चैंपियन बनाया, पर बेटा धोनी के साथ रहकर भी फेल

जब वह बल्लेबाजी करता है, तो गरजने लगते हैं बादल, भारत को चैंपियन बनाया, पर बेटा धोनी के साथ रहकर भी फेल

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जब वह बल्लेबाजी करता है, तो गरजने लगते हैं बादल, भारत को चैंपियन बनाया, पर बेटा धोनी के साथ रहकर भी फेल

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नई दिल्ली. टीम इंडिया (Team India) ने पहला वर्ल्ड कप 1983 में कपिल देव की कप्तानी में जीता था. इसके बाद हमें कई स्टार क्रिकेटर देखने को मिले. इसमें से एक ओपनर बैटर कृष श्रीकांत भी थे. वे आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं. वर्ल्ड कप के फाइनल में उन्होंने भारतीय टीम की ओर से सबसे अधिक 38 रन बनाए थे. भारत ने वेस्टइंडीज को हराकर इतिहास रचा था. लेकिन श्रीकांत जैसी सफलता उनके बेटे श्रीकांत अनिरुद्ध हासिल नहीं कर सके. वे आईपीएल में एमएस धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपरकिंग्स तक का हिस्सा रहे, पर वे टीम इंडिया में जगह नहीं बना सके.

पूर्व भारतीय क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी ने कृष श्रीकांत की बल्लेबाजी पर कहा था- जब वे उतरते हैं तो बादल गरजने लगते हैं, बिजली चमकने लगती है. 63 साल के श्रीकांत बाद में भारतीय टीम के चीफ सेलेक्टर भी बने. उन्होंने भारत की ओर से 43 टेस्ट में 2 हजार से अधिक रन बनाए. 2 शतक और 12 अर्धशतक ठोका. वहीं 146 वनडे में 4 हजार से अधिक रन बनाए. 4 शतक और 27 अर्धशतकीय पारी खेली. ऑफ स्पिनर के तौर पर उन्होंने वनडे में 25 विकेट भी झटके.

2004 में फर्स्ट क्लास डेब्यू किया
श्रीकांत अनिरुद्ध की बात करें, ताे उन्होंने 2004 में फर्स्ट क्लास डेब्यू किया. इंग्लैंड-ए के खिलाफ इस मुकाबले में वे बतौर ओपनर उतरे. पहली पारी में 32 तो दूसरी पारी में 3 रन बनाए. तमिलनाडु को इस मुकाबले में 187 रन से हार मिली थी. उन्होंने अंतिम फर्स्ट क्लास का मुकाबला दिसंबर 2010 में खेला. यानी वे 13 साल से घरेलू टीम से भी बाहर चल रहे हैं. उन्हाेंने 23 फर्स्ट क्लास मैच में 29 की औसत से 1031 रन बनाए. एक शतक और 7 अर्धशतक जड़ा. यानी वे यहां प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे.

चेन्नई के अलावा हैदराबाद से भी खेले
35 साल के श्रीकांत अनिरुद्ध की बात करें, वे आईपीएल में भी कुछ खास सफलता हासिल नहीं कर सके. उन्हें सीएसके के अलावा सनराइजर्स हैदराबाद में भी मौका मिला. उन्होंने ओवरऑल टी20 के 71 मैच में 26 की औसत से 1257 रन बनाए. स्ट्राइक रेट 125 का रहा. 7 अर्धशतक जड़ा. 77 रन उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा. वे खेल के मैदान में पिता कृष श्रीकांत से काफी पीछे रह गए.

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कृष श्रीकांत भारतीय टीम के कप्तान भी रहे. 1989 के पाकिस्तान दौरे में श्रीकांत की ही कप्तानी में सचिन तेंडुलकर ने इंटरनेशनल डेब्यू किया था. वे खेल के अलावा पढ़ाई में भी पीछे नहीं रहे. उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 7 हजार से अधिक तो लिस्ट-ए क्रिकेट में 5 हजार से अधिक रन बनाए.

Tags: BCCI, Team india

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