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पीएम नरेंद्र मोदी और शहबाज शरीफ
– फोटो : अमर उजाला
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भारत के प्रति पाकिस्तान का रवैया वैसे तो पहले से ही जगजाहिर है अब भारतीय विदेश मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट ने भी पड़ोसी देश की हरकतों की पोल खोल दी है। दरअसल, आज यानी सोमवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट 2021-22 जारी की है। इसमें मंत्रालय ने भारत और पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंधों का जिक्र किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद में कोई कमी नहीं आई है। साथ ही इसमें 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों के पीड़ितों के परिवारों को न्याय दिलाने में इस्लामाबाद द्वारा अभी तक किसी भी प्रकार की गंभीरता ना दिखाने की बात भी कही गई है।
भारत के खिलाफ मनगढ़ंत प्रचार में लगा पाकिस्तान
2022 के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट में, विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि पाकिस्तान भारत को बदनाम करने और अपनी घरेलू राजनीतिक और आर्थिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए शत्रुतापूर्ण और मनगढ़ंत प्रचार करने में लगा हुआ है। विदेश मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत के आंतरिक मुद्दों पर पाकिस्तान के सभी कार्यों और बयानों को भारत ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। सभी देशों के बीच एक बड़ी समझ है कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इससे जुड़े मामले देश के आंतरिक हैं।
26/11 के मुंबई आतंकी हमले के आरोपियों को सजा देने से बच रहा पाकिस्तान
अपनी सालाना रिपोर्ट में विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि पाकिस्तान ने 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के परिवारों को न्याय दिलाने में अभी तक गंभीरता नहीं दिखाई है। वह इसे लटकाए रहने की रणनीति में लगा हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के लगातार यह कहने कि पाकिस्तान 2004 की अपनी प्रतिबद्धता का सम्मान करे और अपनी जमीन या क्षेत्र का भारत के खिलाफ आतंकवाद के लिए इस्तेमाल न करने दे, सीमा-पार से आतंकवाद, घुसपैठ और भारत में एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा में हथियारों की अवैध तस्करी में कोई कमी नहीं आई है।
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