Home Breaking News Budget session: मोदी के मास्टर स्ट्रोक को नहीं भांप सका विपक्ष, BJP को ‘विक्रम-बेताल’ बन घेरेगी कांग्रेस

Budget session: मोदी के मास्टर स्ट्रोक को नहीं भांप सका विपक्ष, BJP को ‘विक्रम-बेताल’ बन घेरेगी कांग्रेस

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Budget session: मोदी के मास्टर स्ट्रोक को नहीं भांप सका विपक्ष, BJP को ‘विक्रम-बेताल’ बन घेरेगी कांग्रेस

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Budget session: विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक करते कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे

Budget session: विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक करते कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे
– फोटो : Agency

विस्तार

संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार को जैसे ही शुरू हुआ, तो सत्ता पक्ष के सदस्यों ने राहुल गांधी के लंदन में दिए गए बयान पर हंगामा कर दिया। भाजपा सांसदों ने दोनों सदनों में राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग उठाई। पहले तो सदन की कार्यवाही को दो बजे तक स्थगित किया गया, लेकिन उसके बाद कार्यवाही, मंगलवार तक स्थगित कर दी गई। सत्र की शुरुआत से पहले माना जा रहा था कि अदाणी और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष, सत्ता पक्ष की जबरदस्त घेराबंदी करेगा, लेकिन पीएम मोदी के मास्टर स्ट्रोक को भांपने में विपक्ष कामयाब नहीं हुआ। विपक्ष से जिस हंगामे की उम्मीद थी, वह तो सत्ता पक्ष ने ही कर दिया। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को कहना पड़ा कि हम उन्हें (भाजपा) छोड़ेंगे नहीं। केंद्र सरकार, संविधान की धज्जियां उड़ा रही है। कांग्रेस पार्टी उनके पीछे विक्रम-बेताल के जैसे लगी है, उन्हें छोड़ेंगे नहीं।

विपक्ष की भाजपा पर हमले की खास तैयारी

संसद के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों ने अदाणी मुद्दे पर पीएम मोदी और भाजपा को घेरने का प्रयास किया था। इसके चलते कई दिनों तक सदन की कार्यवाही बाधित रही। सत्र के दूसरे चरण में विपक्ष ने भाजपा पर हमला बोलने के लिए खास तैयारी की थी। विपक्ष की सूची में अदाणी और केंद्रीय जांच एजेंसियों का मुद्दा, पहले नंबर पर था। दूसरे स्थान पर महिला आरक्षण बिल था। गत शुक्रवार को जंतर-मंतर पर तेलंगाना के सीएम केसीआर की बेटी एवं भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के. कविता ने संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण की मांग को लेकर धरना दिया था। इस धरने में दर्जनभर से अधिक विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। धरने को विपक्षी एकजुटता से भी जोड़ कर देखा गया। हालांकि विपक्षी नेताओं का फोकस, महिला आरक्षण की बजाए, केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर रहा। खुद के. कविता भी ईडी की पूछताछ में शामिल हुई हैं। ये अलग बात है कि धरने के दौरान कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अपने ट्वीट में कहा था कि कांग्रेस नेतृत्व के प्रयासों के कारण 9 मार्च 2010 को एतिहासिक महिला आरक्षण विधेयक राज्यसभा में पारित हुआ था, लेकिन लोकसभा में इसे समर्थन नहीं मिल सका। बिल अभी भी लैप्स नहीं हुआ है, लोकसभा में लंबित है। इसे फिर से पेश करने से किसने रोका है।

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