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डीआरडीओ ने आकाश-1एस एयर डिफेंस मिसाइल का किया सफल परीक्षण
– फोटो : ANI
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सरकार का जोर रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने पर है लेकिन जो खबर सामने आ रही है, वो सुखद नहीं है। दरअसल डीआरडीओ के 23 प्रोजेक्ट देरी से चल रहे हैं। मतलब ये प्रोजेक्ट तय समय पर पूरे नहीं हो सकेंगे और इनकी लागत भी बढ़ेगी। रक्षा राज्यमंत्री अजट भट्ट ने राज्यसभा में यह जानकारी दी। अहम बात ये है कि जो प्रोजेक्ट देरी से चल रहे हैं, वो देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम हैं।
राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में सोमवार को रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने लिखित जवाब दिया। जिसमें उन्होंने बताया कि डिफेंस रिसर्च एंड डेवलेपमेंट ऑर्गेनाइजेशन के 55 उच्च प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट्स में से 23 तय समय से देरी से चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि 23 में से 9 प्रोजेक्ट की लागत भी काफी बढ़ गई है। उच्च प्राथमिकता वाले 55 प्रोजेक्ट्स में एंटी एयर फील्ड हथियार, सॉलिड फ्यूल वाला रैमजेट इंजन, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, एंटी शिप मिसाइलें, लॉन्ग रेंज रडार, कॉम्बैट व्हीकल्स, अंडरवाटर व्हीकल्स, सबमरीन के लिए कॉम्बैट सूट्स आदि के प्रोजेक्ट शामिल हैं।
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