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इस साल अभी से गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। जहां हर साल फरवरी में लोगों को ठंड का अहसास होता था, वहीं इस बार बीते महीने से ही सूरज आसमान से आग उगल रहा है। मार्च में भी गर्मी को लेकर रोज नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। इस बीच, इस साल पड़ने वाली भीषण गर्मी और लू को लेकर केंद्र ने राज्यों को अलर्ट कर दिया है। मौसम विभाग का भी कहना है कि इस बार देश के अधिकतर हिस्सों में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होने और इसके सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने की समीक्षा बैठक
इसी क्रम में आज यानी मंगलवार को कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने देश में गर्मियों को लेकर तैयारियों की समीक्षा बैठक की। इसमें उन्होंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) से कहा कि वे अभी से भीषण गर्मी से निपटने के लिए तैयारियां कर लें। गौबा ने कहा कि ऐसी संभावना है कि साल 2023 में सामान्य गर्मी की तुलना में ज्यादा गर्मी होगी। ऐसे में इससे संबंधित चुनौतियों का सामना करने के लिए अभी से पर्याप्त रूप से तैयार रहना होगा।
गौबा ने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्रालय और विभाग राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ मिलकर तैयारी के स्तर को सुनिश्चित करने और समय पर शमन उपायों को लागू करने के लिए काम कर रहे हैं। बावजूद इसके सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से संबंधित विभागीय सचिवों और जिला कलेक्टरों के साथ लू और गर्मी की तैयारियों की समीक्षा करनी चाहिए।
कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने यह भी कहा कि भीषण गर्मी के कारण लोग स्वास्थ्य की समस्याओं से पीड़ित न हों, इसके लिए अभी से लोगों को लू-लपट से बचने, दिन के समय घरों में रहने और तेज धूप आदि से बचने के लिए जागरूक करना होगा। इसके लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा जारी सलाह का क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद किया जा सकता है और इसे प्रसारित किया जा सकता है।
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