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भारतीय राजस्व सेवा के चर्चित अधिकारी समीर वानखेड़े ने साफ किया है कि अपनी जीवनी पर फिल्म (बायोपिक) बनाने का अधिकार अब तक उन्होंने किसी को नहीं दिया है। उन्होंने कहा, ‘अगर किसी फिल्म निर्माता को उनके जीवन वृत्त पर फिल्म बनानी है तो उसे पहले उनसे आकर मिलना होगा और मेरी लिखित रजामंदी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेनी होगी। मेरे किसी पारिवारिक सदस्य की इस बारे में सहमति या असहमति के कोई मायने नहीं हैं।’ उन्होने यह भी साफ किया कि उनकी जाति को लेकर उठे विवाद के बाद हुई विभागीय जांच में उन्हें क्लीनचिट मिल चुकी है।
समीर वानखेड़े का नाम मुंबई की ग्लैमर दुनिया में हाल के बरसों के सबसे चर्चित अधिकारी का नाम रहा है। क्रिकेट वर्ल्ड कप की सोने की ट्रॉफी को हवाई अड्डे पर रोकने से लेकर, गायक मीका सिंह को हिरासत में लेने और फिर ड्रग्स केस में सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को पकड़े जाने तक समीर वानखेड़े का नाम सुर्खियों में रहा है। पिछले हफ्ते से वह फिर चर्चा में हैं जब लेखक प्रीतम झा ने उनकी बायोपिक के लेखन की बात स्वीकार की और निर्माता वसीम अख्तर ने इस बारे में अब तक हुई प्रगति ‘अमर उजाला’ के साथ साझा की। वसीम अख्तर ने इस फिल्म के निर्माण में ‘मैं अटल हूं’ नामक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की बायोपिक बना रहे निर्माता जीशान अहमद के भी शामिल होने का दावा किया था, हालांकि अब जीशान ने वानखेड़े की बायोपिक से रिश्ता तोड़ लिया है।
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