[ad_1]
शिक्षक द्वारा बाल यौन शोषण: गुरु और शिष्य (विद्यार्थी) के संबंधों को अत्यंत पवित्र माना जाता है। भारत में गुरु (शिक्षक) की महिमा तो गोविंद वायस भगवान (भगवान) से भी बड़ी बताई गई है। एक शिक्षक अपने छात्र के लिए उसकी मां की तरह स्नेह प्रदान करता है, तो छात्र भी शिक्षक में अपनापन देखते हैं। लेकिन, पश्चिमी देशों में ये रिश्ता लंबे समय से शर्मसार हो गया है। ऐसी ही एक गुरु-शिष्य के संबंधों को तार-तार करने वाली एक घटना ऑस्ट्रेलिया में सामने आई है। जहां 30 साल की टीचर ने अपनी उम्र से छोटे एक बच्चे को उसकी मानसिक स्थिति ठीक करने के नाम पर जाल में फंसाकर उसका यौन शोषण किया। इस मामले में हैरानी की बात ये रही कि जब ये मामला काउंटी कोर्ट रिपोर्ट करता है तो स्टूडेंट के साथ संबंध बनाने वाली टीचर को जमानत मिल गई।
.
[ad_2]
Source link