[ad_1]

Thottam Sivakaran Namboothiri
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
केरल शैली में जैमिनीय सामवेद मंत्रोच्चार करने वाले दुनिया में दो विशेषज्ञों में से एक 57 साल के डॉ. थोट्टम शिवकर्ण नंबूदरी लोकप्रिय गुरुवायूर मंदिर में नए मेलशांति (मुख्य पुजारी) बनने जा रहे हैं। पेशे से आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. शिवकर्ण केरल के पूर्व मुख्यमंत्री व जाने-माने कम्युनिस्ट नेता ईएमएस नंबूदरीपाद के दूर के रिश्तेदार भी हैं। उन्हें केरल शैली में जैमिनीय सामवेद जाप की लुप्त हो रही शैली के संरक्षण के लिए जाना जाता है।
डॉ. शिवकर्ण का चयन पर्ची डालकर हुए चुनाव से हुआ। अपने नाम की पर्ची निकलने पर उन्होंने गौरव जताया और मेलशांति पद को बड़ी जिम्मेदार माना। वे मौजूदा मेलशांति डॉ. किरण आनंद कक्कड़ की जगह लेंगे। 34 साल के डॉ. किरण भी अपने नियुक्ति पर चर्चा में रहे थे, क्योंकि वे न केवल कम उम्र में इस पद पर आसीन हुए, बल्कि वे भी पेशे से आयुर्वेद डॉक्टर हैं, साथ में यू-ट्यूबर, गायक और व्लॉगर भी हैं। वहीं डॉ. शिवकर्ण अपने परिवार व त्रिशूर स्थित अपने गांव पांजल से गुरुवायूर मंदिर के पहले मुख्य पुजारी बनने जा रहे हैं। गुरुवायूरअप्पन को भगवान कृष्ण का रूप माना जाता है। उन्होंने बताया कि वह एक अप्रैल से मेलशांति पद ग्रहण करेंगे। वह इस पद पर छह महीने रहेंगे।
गुरुकुलम की स्थापना कर श्रुति परंपरा बचाई
डॉ. शिवकर्ण ने जैमिनीय सामवेद मंत्रोच्चार का संरक्षण अपने जीवन का लक्ष्य बनाया और केरल के अपने गांव में एक गुरुकुल की स्थापना की। इसके तहत वे ऐसी विलक्षण श्रुति परंपरा बचा रहे हैं, जिसके बारे में माना जाता है कि इसे महाऋषि वेदव्यास से ऋषि जैमिनी ने सीखा था। जैमिनीय सामवेद के केरल शैली के उच्चारण में ऋग्वेद व अन्य स्रोतों के 1,700 मंत्रों को संगीतबद्ध ढंग से पढ़ा जाता है।
[ad_2]
Source link