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नई दिल्ली. टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और तेजतर्रार ऑलराउंडर युवराज सिंह के बीच संबंधों के बारे में बहुत कुछ कहा और लिखा जाता रहा है. युवराज सिंह के पिता योगराज भी अक्सर धोनी की दमकर आलोचना करते ही रहे हैं. यहां तक कि योगराज सिंह ने युवराज और उनके करियर में हुई सभी बुरी चीजों के लिए धोनी को ही जिम्मेदार ठहराया है. हालांकि, सच्चाई इससे बहुत दूर है, क्योंकि धोनी और युवराज हमेशा से अच्छे दोस्त रहे हैं. युवराज सिंह ने भी वक्त-वक्त पर धोनी की तारीफ की है और धोनी ने भी युवी को भरपूर मौके दिए हैं. लेकिन शुरुआत में ऐसा नहीं था. जब महेंद्र सिंह धोनी टीम इंडिया में आए थे, तब युवराज उन्हें काफी परेशान किया करते थे.
युवराज सिंह और महेंद्र सिंह धोनी दोनों ने एक साथ काफी अच्छा क्रिकेट खेला है और टीम के लिए कई विजयी साझेदारी की हैं. जब वे साथ खेलते थे तो दोनों के बीच हमेशा अच्छा तालमेल रहता था. हालांकि, दोनों की दोस्ती कैसे हुई? इसके पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है. युवराज की आत्मकथा ‘द टेस्ट ऑफ माय लाइफ’ के लॉन्च के मौके पर यह कहानी किसी और ने नहीं बल्कि खुद महेंद्र सिंह धोनी ने साझा की थी.
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महेंद्र सिंह धोनी ने सभी प्रारूपों में भारत का नेतृत्व किया है. युवराज भी उप कप्तान रहे हैं, लेकिन कभी कप्तान नहीं बन सके, जबकि वह धोनी से सीनियर थे. युवराज ने 2000 में भारतीय टीम में डेब्यू किया था, जबिक धोनी 2004 के अंत में टीम इंडिया में आए थे. इसलिए धोनी टीम में युवी के जूनियर थे. जब झारखंड के क्रिकेटर ने पहली बार टीम में जगह बनाई, तो उन्हें अपने सीनियर्स की रैगिंग का सामना भी करना पड़ा था. युवराज सिंह टीम के अन्य साथियों के साथ मिलकर धोनी की टांग खिंचाई करते थे और उन्हें ‘बिहारी’ कहकर बुलाया करते थे.
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युवराज सिंह ने एक छोटे से शहर से आने वाले नए खिलाड़ी धोनी पर ताना मारने का कोई मौका नहीं छोड़ा. रांची के इस लड़के के पाकिस्तान और श्रीलंका के खिलाफ बड़े वनडे शतक जमाने के बाद भी युवराज उन्हें डांटते रहते थे, यह कहते हुए कि चौके और छक्के ठीक हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात मैच विनिंग पारी खेलना था, जब यह मायने रखता है.
धोनी ने अपने खेल को बदल दिया और देश के लिए एक शानदार फिनिशर बन गए. लेकिन इससे भी मदद नहीं मिली, क्योंकि तब तक युवराज सिंह ने उनके लिए एक नया मानक निर्धारित कर दिया था. इस बार युवराज सिंह ने कहा कि यह टेस्ट मैच हैं, जहां एक बल्लेबाज की सही कीमत का अंदाजा लगाया जा सकता था. यह तब था जब धोनी के पास काफी कुछ था. अंत में धोनी ने युवराज सिंह से पूछ ही लिया, यह ठीक है लेकिन मुझे एक बात बताओ, तुम हमेशा इतने गुस्से में क्यों रहते हो? धोनी के इस एक वाक्य ने दोनों के बीच की हर दूरी को मिटा दिया और इसके बाद युवी और माही दोनों अच्छे दोस्त बन गए.
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Tags: Ms dhoni, Yuvraj singh
FIRST PUBLISHED : March 21, 2023, 17:50 IST
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