Home Breaking News Supreme Court: अदालत में दोषी ठहराए जाने के बाद सांसदी-विधायकी खत्म होने के खिलाफ याचिका दायर, की गई यह मांग

Supreme Court: अदालत में दोषी ठहराए जाने के बाद सांसदी-विधायकी खत्म होने के खिलाफ याचिका दायर, की गई यह मांग

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Supreme Court: अदालत में दोषी ठहराए जाने के बाद सांसदी-विधायकी खत्म होने के खिलाफ याचिका दायर, की गई यह मांग

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सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मोदी सरनेम पर मानहानि मामले में राहुल गांधी को सूरत कोर्ट की ओर से सजा सुनाई गई और इसके ठीक अगले दिन उन्हें लोकसभा सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया। अब शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाई गई है, जिसमें मांग की गई है कि विधायी संस्थानों के चुने हुए प्रतिनिधियों को दोषी पाए जाने के बाद उन्हें अपने आप ही अयोग्य घोषित नहीं किया जाना चाहिए। 

क्या है याचिका में मांग?

सुप्रीम कोर्ट में दायर इस याचिका में लोक प्रतिनिधि कानून की धारा 8(3) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है, जिसके तहत किसी भी मामले में कोर्ट द्वारा दोषी पाए गए जनप्रतिनिधि की विधायी संस्थान से सदस्यता अपने आप ही खत्म हो जाती है।

राहुल गांधी की सदस्यता क्यों गई? 

लोक-प्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 8(3) के मुताबिक, अगर किसी नेता को दो साल या इससे ज्यादा की सजा सुनाई जाती है तो उसे सजा होने के दिन से उसकी अवधि पूरी होने के बाद आगे छह वर्षों तक चुनाव लड़ने पर रोक का प्रावधान है। अगर कोई विधायक या सांसद है तो सजा होने पर वह अयोग्य ठहरा दिया जाता है। उसे अपनी विधायकी या सांसदी छोड़नी पड़ती है। 



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