[ad_1]

एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हुई हिंसा मामले में अब राजनीति गरमाने लगी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ओर से बयानबाजी शुरू हो गई है। शिवसेना उद्धव गुट के नेताओं ने भाजपा और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ऐसा शहर में 2 अप्रैल को होने वाली महा विकास अघाड़ी की रैली में व्यावधान डालने के लिए किा गया है। बता दें कि औरंगाबाद में युवाओं के बीच हुई एक झड़प के बाद बुधवार की रात 500 लोगों की भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया था। पुलिस के अनुसार यह घटना औरंगाबाद शहर के किरादपुरा इलाके में हुई, जहां एक प्रसिद्ध राम मंदिर है। यह घटना रामनवमी की पूर्व संध्या पर हुई।
औरंगाबाद में विपक्षी महाविकास अघाड़ी जिसके घटक शिवसेना उद्धव गुट, एनसीपी और कांग्रेस हैं, औरंगाबाद शहर में दो अप्रैल (रविवार) को रैली करने वाले हैं। बता दें कि औरंगाबाद का नाम बदलकर अब छत्रपत संभाजीनगर कर दिया गया है।
विपक्ष का आरोप- एआईएमआईएम भाजपा की ‘बी’ टीम है
भाजपा और एआईएमआईएम पर निशाना साधते हुए शिवसेना उद्धव गुट के नेता चंदकांत खैरे ने कहा, “एआईएमआईएम के इम्तियाज जलील, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री भगवत कराद जो औरंगाबाद से हैं, दोस्त हैं। यह प्लान उन्हीं लोगों का था। हिंसा का मकसद महाविकास अघाड़ी की रैली में व्यावधान पैदा करना था। लोगों का यह भी कहना है कि एआईएमआईएम भाजपा की ‘बी’ टीम है। उधर, शिवसेना उद्धव गुट के दूसरे नेता संजय राउत ने आरोप लगाया है कि जानबूझकर तनाव का माहौल बनाया जा रहा है, गृह मंत्री फडणवीस को पता होना चाहिए कि दोषी कौन है?
[ad_2]
Source link