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अमृतपाल सिंह।
– फोटो : अमर उजाला
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खालिस्तान समर्थक अमृतपाल की तलाश 16वें दिन भी जारी रही। पंजाब पुलिस ने अमृतसर के 10 डेरों में दबिश दी। वहीं, पंजाब पुलिस की एसटीएफ ने पीलीभीत के मोहनापुर गुरुद्वारे में छानबीन की। जांच में गुरुद्वारा परिसर के 16 कैमरों में चार बंद मिले। रिकार्डिंग से छेड़छाड़ हुई है। एसटीएफ गुरुद्वारे से कैमरों की डीबीआर ले गई। पुलिस की एक टीम ने हिमाचल में छापे मारे हैं।
अमृतपाल की तलाश में रविवार को अमृतसर के बाजारों और होटलों में जांच की गई। पंजाब व पड़ोसी राज्यों के 320 डेरों व धार्मिक स्थलों पर पुलिस लगातार नजर रख रही है। कुछ डेरों में तो सादे कपड़ों में 24 घंटे पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। श्री हरमंदिर साहिब परिसर में बने गुरुद्वारा श्री शहीदां साहिब में भी अतिरिक्त जवान लगाए गए हैं। वहीं, होशियारपुर में भी रविवार को सर्च ऑपरेशन जारी रहा। पुलिस ने कई डेरों पर पहुंच कर जांच की लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली।
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सूत्रों ने बताया कि पिछले तीन दिन से पंजाब पुलिस की एसटीएफ अमरिया व पूरनपुर में डेरा जमाए है। एसटीफ को शक है कि फगवाड़ा से बरामद स्कॉर्पियो में ही अमृतपाल सवार होकर पंजाब पहुंचा है। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर उत्तराखंड का था। गाड़ी पीलीभीत जिले के गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी बाबा मोहन सिंह के नाम पंजीकृत थी। मुख्य ग्रंथी बाबा मोहन सिंह ने बताया कि यह गाड़ी मोहनापुर गुरुद्वारे के सेवादार जोगा सिंह को दे रखी थी और वह ही सप्ताह भर पहले यह गाड़ी लेकर पंजाब गया था। उसके साथ ड्राइवर पंजाब के सानेवाल निवासी गुरवंत सिंह भी था। गुरवंत सिंह को पंजाब में गिरफ्तार किया जा चुका है।
केंद्रीय एजेंसियों से मांगी मदद
फरार होने के बाद अमृतपाल के जारी दो वीडियो के बारे में पंजाब पुलिस कोई खास सुराग नहीं जुटा पाई है। पंजाब पुलिस ने अब केंद्र से मदद मांगी है। जांच में पता चला है कि ये वीडियो दुबई, कनाडा, यूके व अन्य देशों से डाले गए हैं। पंजाब पुलिस ने इनके आईपी एड्रेस केंद्रीय जांच एजेंसियों को सौंप दिए हैं।
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