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पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में पंचायत चुनाव संभावित हैं। भाजपा इन चुनावों के साथ अगले लोकसभा चुनाव में भी राज्य में ‘बुलडोजर न्याय’ पर दांव लगाएगी। पार्टी पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में रामनवमी जुलूस पर हुई हिंसा की तुलना उत्तर प्रदेश में शांतिपूर्ण ढंग से निकाली गई शोभायात्राओं से करेगी और मतदाताओं को यह भरोसा दिलाने की कोशिश करेगी कि उसकी पार्टी के शासन में सभी समुदाय के लोगों के हित सुरक्षित रहते हैं। पार्टी को अनुमान है कि इससे वह न केवल हिंदू मतदाताओं का बड़ी संख्या में समर्थन हासिल कर पाएगी, बल्कि उसे शांतिपूर्ण अल्पसंख्यक समुदाय का समर्थन भी हासिल हो सकेगा।
जल्द ही होने वाले पंचायत चुनावों से पूर्व रामनवमी जुलूस पर हुई हिंसा से राज्य में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। भाजपा ने हिंसा के लिए राज्य सरकार की लापरवाही और एक वर्ग विशेष के प्रति नरम व्यवहार को जिम्मेदार बताया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि ममता सरकार हिंसा के आरोपियों का बचाव कर अपना वोट बैंक सुरक्षित करना चाहती है। लेकिन वह कठोर शासन के जरिए समाज के हर वर्ग को सुरक्षा दिलाने का वादा करेगी।
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