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कोरोना मामलों के विशेषज्ञ कहते हैं, देश में कोरोना के इस बढ़ते संक्रमण के लिए ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट XBB.1.16 को कारण माना जा रहा है। इसमें देखे गए म्यूटेशन इसे अन्य ओमिक्रॉन वैरिएंट्स से अधिक संक्रामकता वाला बनाते हैं। हालांकि इससे उन लोगों में गंभीर रोग विकसित होने का खतरा भी हो सकता है जिनकी इम्युनिटी कमजोर है या फिर जो कोमोरबिडिटी का शिकार हैं।
आइए जानते हैं कि इस वैरिएंट में किस प्रकार के गंभीर लक्षण विकसित होने का खतरा हो सकता है?
कोरोना के इस नए वैरिएंट से संक्रमण के कारण फिलहाल लोगों में गंभीर रोगों की स्थिति नहीं देखी जा रही है। अध्ययनों में पाया गया है कि देश में दूसरी लहर का कारण बनने वाले डेल्टा वैरिएंट की तुलना में इसके लक्षण काफी हल्के हैं। ये लक्षण अक्सर घर पर रहकर ठीक भी हो जा रहे हैं। संक्रमितों में कुछ समय तक बुखार और नाक बंद होना, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोना के इन नए वैरिएंट्स के कारण गंभीर रोगों का खतरा कम देखा जा रहा है। वैक्सीनेशन की दर ने इस तरह के जोखिम को कम कर दिया है। पर कोरोना वायरस श्वसन रोग है जो फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है। इसके कारण लॉन्ग कोविड संक्रमण का खतरा बना हुआ है। ऐसे में कुछ लोगों में संक्रमण की स्थिति गंभीर रोग को बढ़ावा दे सकती है। बुजुर्ग, कॉमरेडिटी वाले लोगों में इसका खतरा अधिक होता है। गर्भवती महिलाओं में संक्रमण की स्थिति का शिशु की सेहत पर असर पड़ने की भी प्रमाण मिले हैं।
कोरोना मामलों के विशेषज्ञ कहते हैं, नए वैरिएंट्स के कारण गंभीर लक्षण जैसे निमोनिया, स्वाद-गंध न आने की समस्या फिलहाल नहीं देखी गई है। गंभीर रोग के जोखिम कारक वालों में सांस की दिक्कतें हो सकती हैं, कुछ लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है पर ऐसे मामले बहुत कम हैं।
बूस्टर वैक्सीनेशन ने कोरोना की गंभीरता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, पर इन नए वैरिएंट्स की इम्यून स्केप क्षमता ऐसे लोगों को भी संक्रमित कर सकती है। इसके लिए सभी लोगों को सुरक्षात्मक उपाय करते रहना आवश्यक है।
कोविड प्रोटोकॉल का करें पालन
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना न सिर्फ आपको, बल्कि कोरोना के गंभीर रोगों के खतरे वाले लोगों को भी संक्रमण से बचाने में सहायक हो सकता है। इसके लिए कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें।
- मास्क जरूर पहनें, खासकर भीड़-भाड़ वाले इलाकों में।
- हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते रहें।
- कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए वैक्सीनेशन जरूर कराएं।
- सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते रहें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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