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Covid-19: बढ़ते संक्रमण के बीच इन लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत, बन सकते हैं गंभीर रोग का कारण

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Covid-19: बढ़ते संक्रमण के बीच इन लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत, बन सकते हैं गंभीर रोग का कारण

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पिछले एक महीने से देश में कोरोना के संक्रमण के कारण धीरे-धीरे ही सही स्थिति बिगड़ती हुई देखी जा रही है। जनवरी-फरवरी की शुरुआत में जहां हालात एकदम कंट्रोल में लग रहे थे, वहीं मार्च में कोरोना ने काफी तेज रफ्तार पकड़ ली है। पिछले तीन दिनों से लगातार देश में तीन हजार के करीब मामले सामने आ रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि मार्च के महीने में देश में संक्रमण के कारण मृत्यु के आंकड़ों में 114 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।

कोरोना मामलों के विशेषज्ञ कहते हैं, देश में कोरोना के इस बढ़ते संक्रमण के लिए ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट XBB.1.16 को कारण माना जा रहा है। इसमें देखे गए म्यूटेशन इसे अन्य ओमिक्रॉन वैरिएंट्स से अधिक संक्रामकता वाला बनाते हैं। हालांकि इससे उन लोगों में गंभीर रोग विकसित होने का खतरा भी हो सकता है जिनकी इम्युनिटी कमजोर है या फिर जो कोमोरबिडिटी का शिकार हैं।

आइए जानते हैं कि इस वैरिएंट में किस प्रकार के गंभीर लक्षण विकसित होने का खतरा हो सकता है?



XBB.1.16 वैरिएंट के कारण होने वाली दिक्कतें

कोरोना के इस नए वैरिएंट से संक्रमण के कारण फिलहाल लोगों में गंभीर रोगों की स्थिति नहीं देखी जा रही है। अध्ययनों में पाया गया है कि देश में दूसरी लहर का कारण बनने वाले डेल्टा वैरिएंट की तुलना में इसके लक्षण काफी हल्के हैं। ये लक्षण अक्सर घर पर रहकर ठीक भी हो जा रहे हैं। संक्रमितों में कुछ समय तक बुखार और नाक बंद होना, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। 


संक्रमण के कारण गंभीर लक्षण और इसका खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोना के इन नए वैरिएंट्स के कारण गंभीर रोगों का खतरा कम देखा जा रहा है। वैक्सीनेशन की दर ने इस तरह के जोखिम को कम कर दिया है। पर कोरोना वायरस श्वसन रोग है जो फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है। इसके कारण लॉन्ग कोविड संक्रमण का खतरा बना हुआ है। ऐसे में कुछ लोगों में संक्रमण की स्थिति गंभीर रोग को बढ़ावा दे सकती है। बुजुर्ग, कॉमरेडिटी वाले लोगों में इसका खतरा अधिक होता है। गर्भवती महिलाओं में संक्रमण की स्थिति का शिशु की सेहत पर असर पड़ने की भी प्रमाण मिले हैं। 


संक्रमण का बढ़ना कितना चिंताजनक

कोरोना मामलों के विशेषज्ञ कहते हैं, नए वैरिएंट्स के कारण गंभीर लक्षण जैसे निमोनिया, स्वाद-गंध न आने की समस्या फिलहाल नहीं देखी गई है। गंभीर रोग के जोखिम कारक वालों में सांस की दिक्कतें हो सकती हैं, कुछ लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है पर ऐसे मामले बहुत कम हैं।

बूस्टर वैक्सीनेशन ने कोरोना की गंभीरता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, पर इन नए वैरिएंट्स की इम्यून स्केप क्षमता ऐसे लोगों को भी संक्रमित कर सकती है। इसके लिए सभी लोगों को सुरक्षात्मक उपाय करते रहना आवश्यक है।


कोविड प्रोटोकॉल का करें पालन

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना न सिर्फ आपको, बल्कि कोरोना के गंभीर रोगों के खतरे वाले लोगों को भी संक्रमण से बचाने में सहायक हो सकता है। इसके लिए कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें।

  • मास्क जरूर पहनें, खासकर भीड़-भाड़ वाले इलाकों में।
  • हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते रहें।
  • कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए वैक्सीनेशन जरूर कराएं।
  • सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते रहें।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

 


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