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सफेद मौत की कहानी: फ़िनलैंड ने 1993 में रूस के साथ लगातार 3 महीने तक जंग की थी। वहां के शेयरधारकों की अकेले ही करीब 500 सैनिक रूस के मार गिराए गए थे। जिसकी कहानी सुनकर रूस आज भी कांप रहा है। फिनलैंड के नाटो का 31वां सदस्य देश चुका चुका है। इससे फ़िनलैंड का पड़ोसी देश रूस काफी हद तक है। रूस ने फ़िनलैंड को कटिबद्ध उपाय करने की चेतावनी भी दी है। इसके बाद से यूरोप में तनाव और बहुत बढ़ गया है। फ़िनलैंड और रूस 1300 किलोमीटर की सीमा साझा करते हैं। रूस की धमकियों पर फ़िनलैंड ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहां के विदेश मंत्रालय ने सिर्फ इतना कहा है कि उनके देश को फैसला लेने का हक है। फ़िनलैंड शीत युद्ध के बाद फ़िनलैंड की तटस्थता बिल्कुल सही है, लेकिन नाटो में शामिल होने से फ़िनलैंड की तटस्थता समाप्त हो गई है।
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