Home Breaking News स्वामी रामभद्राचार्य: श्रीरामचरितमानस न होता तो हिंदुओं की रोटी, चोटी व धोती पर होता संकट, बने राष्ट्रीय ग्रंथ

स्वामी रामभद्राचार्य: श्रीरामचरितमानस न होता तो हिंदुओं की रोटी, चोटी व धोती पर होता संकट, बने राष्ट्रीय ग्रंथ

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स्वामी रामभद्राचार्य: श्रीरामचरितमानस न होता तो हिंदुओं की रोटी, चोटी व धोती पर होता संकट, बने राष्ट्रीय ग्रंथ

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Swami Rambhadracharya said if there was no Shriramcharitmanas crisis on roti choti and dhoti of Hindus

स्वामी रामभद्राचार्य
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्रीरामचरितमानस न होता तो हिंदुओं की रोटी, चोटी और धोती पर संकट होता ही होता। इस कारण प्रधानमंत्री अगर महात्मा गांधी को मानते हैं तो उन्हें श्रीरामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने में थोड़ा-सा भी विलंब नहीं करना चाहिए, क्योंकि महात्मा गांधी की ओर से गाए जाने वाले रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम भजन का एक-एक शब्द श्रीरामचरितमानस के विभिन्न कांड से लिया गया है। 

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