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नाद्या और जहांबर।
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सिंगापुर की एक प्रमुख सुपर मार्केट ने रमजान माह में इफ्तारी के लिए दिए जाने वाले स्नैक्स से दूर किए जाने के मामले में भारतीय मूल के मुस्लिम दंपति से माफी मांगी है। मुफ्त स्नैक्स को खाने से रोकने का यह मामला 9 अप्रैल का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनल ट्रेड्स यूनियन कांग्रेस (NTUC) द्वारा चलाए जा रहे सुपरमार्केट में एक पुरुष कर्मचारी ने मुस्लिम दंपति को स्नैक स्टैंड से यह कहते हुए भगा दिया था कि यह केवल मलयेशिया के लोगों के लिए है।
नौ अप्रैल का है वाकया
नौ अप्रैल को सिंगापुर में रहने वाले फराह नाद्या और उनके पति जहांबर शालिह टैम्पाइन्स हब में फेयरप्राइस आउटलेट गए थे। वहां जब वे अपनी सामान्य खरीदारी कर रहे थे तभी ये घटना हुई थी। खरीदारी के दौरान जब वे इफ्तार बाइट स्टेशन की ओर गए तो वहां मौजूद एक कर्मचारी ने उन्हें यह कहते हुए रोक दिया कि मुफ्त ट्रीट ‘भारतीयों के लिए नहीं हैं।’ बता दें कि जहांबर भारतीय हैं, वहीं उनकी पत्नी फराह भारतीय-मलयेशियाई हैं।
फराह नाद्या ने बताया कि यह सुनकर उन्हें बहुत बुरा लगा। अपनी खरीदारी के बाद उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए इस वाकये का अपना अनुभव साझा किया। इसमें उन्होंने लिखा कि मुफ्त ट्रीट लेने का उनका इरादा नहीं था, वे केवल इस तरह की पहला की सराहना करने के लिए रुक गई थी।
सुपरमार्केट चेन ने मांगी माफी
अब इस मामले के सामने आने के बाद फेयरप्राइस आउटलेट ने इसे लेकर माफी मांगी है। फेयरप्राइस के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह गंभीर मामला है, हमने इस संबंध में कर्मचारियों से सारी जानकारी ली है।
ये है पहल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फेयरप्राइस ग्रुप ने रमजान माह में एक पहल की शुरुआत करते हुए 23 मार्च से अपना इफ्तार बाइट स्टेशन शुरू किया। इसमें महीने भर चलने वाली रमजान अवधि के दौरान मुस्लिम ग्राहकों को अपने 60 आउटलेट्स पर स्नैक्स या खजूर के साथ मनपसंद पेय की मुफ्त में पेश किए जाते हैं। इस पहल के तहत, मुस्लिम ग्राहकों को इफ्तार से 30 मिनट पहले और बाद में डिब्बाबंद पेय और रमजान के दौरान शाम की नमाज के बाद लिया जाने वाला भोजन दिया जाता है।
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